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कश्मीर में कानून का हाथ छोड़ आतंक के रास्ते चल पड़े 12 पुलिसकर्मी

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 October 2018, 11:23 IST
(File Photo)

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के सफाए में लगी सेना के सामने एक बड़ी चुनती खड़ी हो गई है. हाल ही में सेना के सर्च ऑपरेशन से बौखलाए आतंकियों ने पुलिस वालों के परिजनों को अगवा किया. आतंकियों ने पुलिस वालों को निशाना बना कर भी हमला किया जिसमे कई पुलिसवालों की जान चली गई. अभी तक कश्मीर से पढ़े-लिखे युवाओं के आतंकियों के साथ मिल जाने की खबरें आ रही थीं. लेकिन अब एक नया आंकड़ा सामने आया है. घाटी में पिछले तीन सालों में करीब 12 पुलिस कर्मियों ने आतंकियों के खेमे में शामिल हो गए है. इन घटनाओं से पुलिस डिपार्टमेंट की चिंता और भी ज्यादा बढ़ा दी है.

गौरतलब है कि पिछले 3 साल में 12 पुलिसकर्मी करीब 30 हथियारों के साथ भाग चुके हैं. हाल में स्पेशल पुलिस अधिकारी आदिल बशीर के भागने की घटना के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक आंतरिक रिपोर्ट तैयार की है.

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गौरतलब है कि बशीर दक्षिणी कश्मीर के पीडीपी विधायक एजाज मीर के आधिकारिक आवास से 8 हथियार लेकर भागा था, जिसमें 7 एके47 राइफलें और एक पिस्टल थी. पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार करीब 12 पुलिसकर्मी और 2 सैन्यकर्मी मिलिटेंट रैंक में शामिल हो चुके हैं और ये अपने साथ करीब 30 हथियार लेकर भागने में सफल रहे.

वहीं इस तरह की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कॉन्स्टेबल रशीद शिगन के नौकरी छोड़कर भागने के पीछे कई रहस्यों का पता लगाया है. पुलिस का दवा है कि रशीद हिजबुल मुजाहिदीन का एक सक्रिय सदस्य था और पुलिस में नौकरी के दौरान वह पिछले 18 महीनों में कम से 13 आतंकी हमलों में शामिल था.

इस मामले में एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, ''पुलिसकर्मियों के लिए अपनी भावनाओं को प्रफेशन से दूर रखना मुश्किल है, खासकर जब कई बार वह व्यक्तिगत रूप से उस स्थिति का सामना कर चुका हो. भले ही जमीन पर इस समय पुलिस बनाम मिलिटेंट दिख रहा है, लेकिन पुलिसकर्मियों को भीतर भी एक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.''

First published: 8 October 2018, 11:23 IST
 
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