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17 और आप विधायक लाभ के पद के दोषी, कुल संख्या हुई 38

चारू कार्तिकेय | Updated on: 11 February 2017, 5:48 IST

लाभ के पद के मामले को लेकर दिल्ली के 21 आप विधायकों का भविष्य पहले ही अधर में झूल रहा था, अब 17 और आप विधायकों के नाम इसी श्रेणी में सामने आए हैं. चुनाव आयोग ने दिल्ली सरकार में लाभ का पद प्राप्त 27 आप विधायकों के खिलाफ राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को याचिका भेजी है. याचिका में इन 27 में से 10 को संसदीय सचिव बनाए जाने का मामला है, जिसकी जांच चुनाव आयोग कर रहा है.

दरअसल चुनाव आयोग में यह शिकायत दिल्ली के विधि छात्र विभोर आनंद ने दर्ज कराई थी. विभोर की शिकायत थी कि इन 17 आप विधायकों को दिल्ली के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में रोगी कल्याण समितियों का अध्यक्ष पद बिना कानूनी प्रक्रिया और प्रावधान के दिया गया है. आनंद ने यह शिकायत जून में चुनाव आयोग में सीधी दर्ज कराई थी. आयोग ने कहा था कि वह इस याचिका को राष्ट्रपति के पास भेजेंगे, और यह आयोग के पास वापस जांच के लिए आएगी. अब चुनाव आयोग ने यह याचिका राष्ट्रपति को भेज दी है.

रोगी कल्याण समितियां वे खास समितियां हैं, जो दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के रख-रखाव का काम देखती हैं. ये स्टेट हेल्थ सोसाइटी या स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन काम करती हैं. ये स्वतंत्र संस्था के तौर पर काम करती हैं और उसे अपने लिए निधि की व्यवस्था करने का अधिकार है.

जांच झेल रहे 21 आप विधायकों के बाद 17 और विधायकों के सिर पर अयोग्य ठहराए जाने की तलवार लटकी हुई है

हर समिति का मुखिया बतौर अध्यक्ष विधायक और बतौर उपाध्यक्ष उपायुक्त (राजस्व) होता है. अस्पतालों में चिकित्सा अधीक्षक सदस्य सचिव हैं. समिति में चार अन्य गैरसरकारी सदस्य बैठते हैं, जो या तो स्थानीय आरडब्ल्यूए से होते हैं या मनोनीत होते हैं.

2009 में कांग्रेस ने इन समितियों की व्यवस्था अस्पताल की सलाह समितियों की जगह की थी, जिनके पास कोई कार्यकारी शक्तियां नहीं थीं. आनंद का तर्क है कि 2009 के इस आदेश ने योजना के आदेश-पत्र का उल्लंघन किया है और कांग्रेस और आप सरकार दोनों, दिल्ली में विधायकों को गैरकानूनी रूप से अध्यक्ष नियुक्त करने के दोषी हैं.

उन्होंने अपील की कि इन्हें लाभ का पद माना जाए और संबंधित विधायकों को अयोग्य ठहराया जाए. चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रपति को उनकी याचिका प्रेषित करना इस बात की गारंटी नहीं है कि इस संबंध में जल्द कार्रवाई की जाएगी.

इस शिकायत में दम है कि नहीं, यह देखना राष्ट्रपति पर निर्भर है, इसके बाद वे चुनाव आयोग से इस संदर्भ में जांच का अनुरोध करने का निर्णय ले सकते हैं.

हालांकि लाभ के पद की जांच झेल रहे 21 आप विधायकों के बाद 17 और विधायकों के सिर पर अयोग्य ठहराए जाने की तलवार लटकी हुई है. ताजा सूची में शामिल हैं- दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल, उनकी उपाध्यक्ष राखी बिरला, पूर्व उपाध्यक्ष बंदना कुमारी, और पराए हो चुके आप विधायक और स्वराज अभियान नेता पंकज पुष्कर.

मीडिया की विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक आनंद की शिकायत में दर्ज 27 आप विधायकों के नाम इस प्रकार हैं-

10 संसदीय सचिव

  • शिव चरण गोयल- मोती नगर
  • जारनेल सिंह- तिलक नगर
  • अल्का लांबा- चांदनी चौक
  • कैलाश गहलोत- नजफगढ़
  • अनिल कुमार बाजपेयी- गांधी नगर
  • राजेश गुप्ता- वजीरपुर
  • नरेश यादव- महरौली
  • राजेश ऋषि- जनकपुरी
  • मदन लाल- कस्तूरबा नगर
  • शरद चौहान- नरेला

17 अन्य

  • वंदना कुमारी- शालिमार बाग
  • अजेश यादव- बादली
  • जगदीप सिंह- हरि नगर
  • एस.के.बग्गा- कृष्णा नगर
  • जितेंद्र सिंह तोमर- त्रिनगर
  • रामनिवास गोयल- शहादरा
  • विशेष रवि- करोल बाग
  • नितिन त्यागी- लक्ष्मी नगर
  • वेद प्रकाश- बवाना
  • सोमनाथ भारती- मालवीय नगर
  • पंकज पुष्कर- तीमारपुर
  • राजेंद्र पाल गौतम- सीमापुर
  • हजारीलाल चौहान- पटेल नगर
  • राखी बिरला- मंगोलपुरी
  • मोहम्मद इशराकी- सीलमपुर
  • कमांडो सुरेंद्र- देहली केंट
  • महेंद्र गोयल- रिठाला

First published: 20 September 2016, 8:18 IST
 
चारू कार्तिकेय @charukeya

असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़, राजनीतिक पत्रकारिता में एक दशक लंबा अनुभव. इस दौरान छह साल तक लोकसभा टीवी के लिए संसद और सांसदों को कवर किया. दूरदर्शन में तीन साल तक बतौर एंकर काम किया.

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