Home » इंडिया » 17th Lok Sabha: Modi Government made Dr Virendra Kumsar as protem speakar in parliament
 

मोदी सरकार ने डॉ. वीरेंद्र कुमार को बनाया प्रोटेम स्पीकर, कभी बनाते थे साइकिल का पंचर

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 June 2019, 12:18 IST

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की लोकसभा सत्र की शुरुआत आज से हो गई है. इसके साथ ही प्रोटेम स्पीकर नए सांसदों को शपथ दिला रहे हैं. ये बजट सत्र 40 दिनों तक चलेगा. इसमें 30 बैठकें होंगी. सत्र के पहले दो दिन नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी. वहीं लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 19 जून को होगा. 17वीं लोकसभा में 542 सांसद चुनकर संसद पहुंचे हैं.

इस बार 265 सांसद पहली बार चुनकर संसद पहुंचे हैं. इनमें गृहमंत्री अमित शाह भी हैं. इसके अलावा स्मृति ईरानी, रविशंकर प्रसाद, हंस राज हंस, गौतम गंभीर और सन्नी देओल जैसी चर्चित हस्तियां शामिल हैं. 16वीं लोकसभा में 314 सांसद ऐसे थे जो पहली बार चुने गए थे. 17वीं लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 78 है. ये अबतक की सबसे ज्यादा है. 16वीं लोकसभा चुनाव में महिलाओं की संख्या 62 थी.

मोदी सरकार ने प्रोटेम स्पीकर के तौर पर मध्य प्रदेश की टीकमगढ़ सीट से तीसरी बार चुनाव जीतने वाले डॉ. वीरेंद्र कुमार को चुना है. डॉ. वीरेंद्र कुमार अनुसूचित जाति से आते हैं. अपनी सादगी के लिए वह जाने जाते हैं. उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए किया है. उनके पास डॉक्टरेट की भी डिग्री है. अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्‍यक्ष रह चुके डॉ. वीरेंद्र कुमार बचपन से ही आरएसएस से जुड़े रहे हैं.

बचपन में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए डॉ. वीरेंद्र कुमार अपने पिता की साइकिल पंचर की दुकान पर बैठते थे. बचपन से ही उनमें पढ़ने का जज्‌बा था. उन्होंने पता था कि पढ़ाई के दम पर वह कुछ भी कर सकते हैं. वह मन लगाकर अपनी पढ़ाई करते रहे. कहा जाता है कि जब वह अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर जाते हैं तो इस दौरान उन्हें कोई पंक्चर सुधारता हुआ मिलता है तो वह उसके पास पहुंच जाते हैं. वह उनकी मदद कर देते हैं. कई बार लह पंक्चर सुधारने के टिप्स भी देते हैं.

प्रोटेम स्पीकर को लोकसभा के नियमित स्पीकर के चुनाव से पहले कामकाज को अंजाम देने के लिए नियुक्त किया जाता है. सदन के सबसे सीनियर सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है. नए चुनकर आए सदस्यों को प्रोटेम स्पीकर शपथ दिलाते हैं. फिर जब नए स्पीकर का चुनाव हो जाता है तो प्रोटेम स्पीकर का काम समाप्त हो जाता है.

मणिपुर: BJP की अगुवाई वाली सरकार में बढ़ा झगड़ा, मुख्यमंत्री की शिकायत लेकर दिल्ली पहुंचे नेता

रेल बजट की 92 साल पुरानी वह परंपरा, जिसे मोदी सरकार ने कर दिया खत्म

First published: 17 June 2019, 12:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी