Home » इंडिया » 18th century 1000 war rocket used by tipu sultan found in karnataka
 

टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों को बर्बाद करने के लिए छुपाए थे 1000 रॉकेट, खुदाई में मिला सैन्य खजाना

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 July 2018, 13:22 IST

18वीं सदी में टीपू सुलतान ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने के लिए जिन लड़ाकू रॉकेट का इस्तेमाल किया है उनका खुलासा आज 21वीं सदी में हुआ है. कर्नाटक के शिवमोगा जिले के एक गांव में टीपू सुलतान के कीमती युद्ध रॉकेट मिले हैं. पुरातत्व विभाग के अधिकारी के अनुसार बिदानुरु में सुपारी के एक खेत में खुदाई चल रही थी.  जहां संयोग से मजदूरों को कुएं की खुदाई करते वक़्त ये राकेट मिले. बेलनाकार रॉकेट टीपू हैं इस बात की पुष्टि पुरातत्व विभाग ने करी.

ये भी पढ़ें- इस शख्स को प्यार करने की मिली सजा, अपनी गर्लफ्रेंड के पति को देने हो़ंगे 60 करोड़


पुरातत्व विभाग के आयुक्त वेंकटेश ने पीटीआई-भाषा से बात करते हुए कहा कि करीब 6 साल पहले भी इस तरह के ही रॉकेट खुदाई में मिले थे. और वो रॉकेट ठीक इसी जगह के आस पास मिले थे. लंदन म्यूसियम में भी टीपू सुलतान के जो रॉकेट रखे गए हैं. वो भी ठीक इसी तरह के हैं.

गौरतलब है कि अगर इतिहार को देखें तो टीपू सुलतान ने अंग्रेजों से मुकाबला करने के लिए आधुनिक युद्ध शस्त्रों का इस्तेंमाल किया था. टीपू सुलतान पहले ऐसे हिन्दुस्तानी शासक थे जिन्होंने युद्ध में राकेट का इस्तेमाल किया.

ये भी पढ़ें- भगवान तक पहुंचने के लिए इस शख्स ने अपनाया खौफनाक तरीका

टीपू सुलतान को अपनी युद्ध नीति और सहस के कारण ही मैसूर के शेर कहे जाते थे. टीपू को योग्य शासक के अलावा टीपू को एक विद्वान, कुशल सैनापति और कवि भी माना जाता है. टीपू सुलतान ने लगातार अंग्रेजों को युद्ध में हरा कर धुल चटाई थी. 1799 के चौथे एंग्लो-मैसूर वार में टीपू को हार का सामना करना पड़ा और उनकी मृत्यु हो गयी.

ये भी पढ़ें- ये महिलाएं खूबसूरती के लिए पानी की जगह धुंआ से करती है स्नान

First published: 29 July 2018, 13:22 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी