Home » इंडिया » 1984 Anti Sikh riots: SC sentenced life imprisonment to Congress' Sajjan Kumar
 

1984 के सिख दंगों के आरोपी सज्जन कुमार को 34 साल बाद अदालत ने सुनाई उम्र कैद की सजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 December 2018, 12:45 IST

1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के आरोपी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है. दिल्ली है कोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सज्जन कुमार को दोषी बताया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

गौरतलब है कि सज्जन कुमार को निचली अदालत ने बरी कर दिया था. इस मामले में पीड़ित पक्ष के साथ ही साथ पूरा सिख समुदाय सज्जन कुमार की सजा का बेसब्री से इंतजार कर रहा था.

गौरतलब है कि सिख विरोधी दंगों का ये मामला 5 लोगों की मौत से जुड़ा है. 1984 को हज़ारों लोगों की भीड़ ने सिख समुदाय के कई लोगों पर अचानक हमला बोल दिया था. खतरनाक भीड़ द्वारा हुए इस हमले में एक परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में एक ही परिवार के तीन भाई नरेंद्र पाल सिंह ,कुलदीप और राघवेंद्र सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी. वहीं इस हमले में एक अन्य परिवार के गुरप्रीत के साथ उनके बेटे केहर सिंह की भी मौत हुई थी.

हालांकि 1994 में ये केस दिल्ली पुलिस ने बंद कर दिया था. लेकिन 2005 में इसी मामले में नानावटी कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर फिर से केस दर्ज किया गया. सुनवाई के दौरान साल 2013 में निचली अदालत ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को पर्याप्त सबूत न होने के कारण बरी कर दिया था. लेकिन इस मामले में कांग्रेस एक पूर्व पार्षद बलवान खोखर के साथ नौसेना के एक रिटायर्ड अधिकारी कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल समेत 2 लोगों को दोषी करार दिया.

वहीं इस मामले में दिल्ली हाइकोर्ट ने इस मामले में 29 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था. अगर इस मामले में जानकारों की मानें तो उनका दावा है कि निचली अदालत ने कई सबूतों को नजरअंदाज किया है.गौरतलब है कि सज्जन कुमार के खिलाफ इन दंगों से जुड़े कुल 5 मामले चल रहे हैं और इन मामलों की जांच 2014 में बनाई गई एसआईटी कर रही है.

First published: 17 December 2018, 10:54 IST
 
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