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शायद भाजपा भूल गई है कि संजय दत्त के तार 1993 के मुंबई धमाकों से जुड़ते हैं

अश्विन अघोर | Updated on: 9 May 2016, 23:32 IST
QUICK PILL
  • महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेता संजय दत्त को मंच पर बुलाए जाने के मामले में बीजेपी को चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. दत्त को अवैध तौर पर हथियार रखने के मामले में सजा हो चुकी है.
  • विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी ने वैसे व्यक्ति को आमंत्रित किया जो आतंकवाद की धाराओं में जेल की सजा काट चुका है. विपक्षी दलों के मुकाबले पार्टी के नेताओं ने भी इस मामले में दूरी बना ली है.

महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेता संजय दत्त को बुलाए जाने के मामले में बीजेपी को चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. दत्त को अवैध तौर पर हथियार रखने के मामले में सजा हो चुकी है.

विडंबना यह है कि बीजेपी ने सजा के दौरान संजय दत्त को मिले पैरोल की आलोचना की थी. ऐसे में दत्त की बीजेपी के मंच पर मौजूदगी को लेकर पार्टी के नेताओं ने ही बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. 

महाराष्ट्र दिवस के मौके पर बीजेपी ने न केवल दत्त को आमंत्रित किया बल्कि के डिंढोसी यूनिट के प्रेसिडेंट और विधायक आशीष शेलार ने दत्त का स्वागत करते हुए उन्हें अपने साथ लेकर मंच पर भी आए. 

बीजेपी ने मुंबई बम धमाका मामले में सजा काट रहे संजय दत्त को पैरोल दिए जाने की आलोचना करती रही थी

बीजेपी के कार्यक्रम में दत्त की मौजूदगी को लेकर शहर की सियासत में कई तरह की आवाजें सुनने को मिल रही हैं. दत्त कांग्रेसी पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके दिवंगत पिता सुनील दत्त कांग्रेस से सांसद और मंत्री रहे हैं. उनकी बहन प्रिया दत्त भी कांग्रेस से सांसद रही हैं. खुद दत्त भी अतीत में समाजवादी पार्टी और अमर सिंह की लोकमंच से जुड़े रहे हैं.

विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी ने वैसे व्यक्ति को आमंत्रित किया जो आतंकवाद से संबंधित धाराओं में सजा काट चुका है. हालांकि विपक्षी दलों के मुकाबले पार्टी के भीतर से इसकी ज्यादा आलोचना हुई है. 

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर बताया, 'हम अपनी पार्टी के डिंढोसी यूनिट के फैसले को लेकर हतप्रभ हैं. यह पार्टी की लोकल यूनिट की तरफ से आयोजित किया गया कार्यक्रम था और उन्होंने ही लोगों को आमंत्रित कियाा था. लेकिन हमें लगता है कि आयोजकों को दत्त को बुलाने के बारे में थोड़ा और सोचना चाहिए था.'

संजय दत्त के पिता सुनील दत्त और उनकी बहन प्रिया दत्त कांग्रेस की सांसद रही हैं

विपक्षी दलों की आलोचना के बाद पार्टी के शेलार जैसे नेताओं ने खुद को इस कार्यक्रम से दूर कर लिया. शेलार ने कहा, 'मुझे इस बारे में जानकारी नहीं थी कि संजय दत्त को बुलाया गया है. यह स्थानीय आयोजकों की तरफ से किया गया कार्यक्रम था. मैंने जब दत्त को मंच पर देखा तो मैं खुद हतप्रभ रह गया.' 

हालांकि शेलार ने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया कि आखिर उन्होंने क्यों  दत्त के साथ मंच साझा किया.

कार्यक्रम का आयोजन मुंबई बीजेपी के उत्तर भारतीय मोर्चा के प्रेसिडेंट मोहित कंबोज ने किया था. कंबोज 21 सितंबर 2013 को बीजेपी में शामिल हुए और उन्हें जल्द ही शहर की यूनिट का  वाइस प्रेसिडेंट बना दिया गया. बाद में उन्हें उत्तर भारतीय मोर्चा का प्रेसिडेंट बना दिया गया.

जब इस बारे में कंबोज से पूछा गया, 'दत्त हमारे पारिवारिक दोस्त हैं औरर वह महाराष्ट्र दिवस के मौके पर शिवाजी महाराज कोे श्रद्धांजलि देना चाह रहे थे. इसके अलावा उन्हें कार्यक्रम में बुलाने की कोई और मंशा नहीं थी.'

कंबोज से जब यह पूछा गयाा कि वह 1993 बम धमाकों के दोषी हैं और बीजेपी उन्हें पैरोल दिए जाने के मामले में सख्त रही है. कंबोज ने कहा, 'वह अपराध के लिए सजा काट चुके हैं और वह एक परिपक्व इंसान के तौर पर उभरकर सामने आए हैं. दत्त हमारे पारिवारिक दोस्त हैं और कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किए जाने के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था.'

महाराष्ट्र बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा, 'कार्यक्रम में दत्त को बुलाए जाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण रहा है. मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि मंच पर उनकी मौजूदगी से पार्टी को कोई मदद नहीं मिलेगी. वास्तव में इससे पार्टी की छवि को नुकसान होगा. हम उन्हें बुलाए जाने की मंशा के बारे में नहीं जानते हैं. यह पूरा फैसला स्थानीय ईकाई की तरफ से लिया गया था.' 

हालांकि उन्होंने शेलार की तरफ से संजय दत्त का स्वागत किए जाने के बारे में कुछ भी बोलने से दूरी बना ली. 

First published: 9 May 2016, 23:32 IST
 
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