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1993 मुंबई ब्लास्ट: डॉन अबु सलेम दोषी क़रार, लेकिन फांसी से बच जाएगा?

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2017, 16:42 IST
अबु सलेम/ फाइल फोटो

1993 में मुंबई सीरियल बम धमाकों के दूसरे चरण के मुकदमे में विशेष टाडा अदालत ने फैसला सुना दिया है. अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम को विशेष टाडा कोर्ट ने धमाकों की साजिश रचने का दोषी करार दिया है. अदालत ने इस मामले में अबु सलेम समेत 6 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है, जबकि एक अन्य अभियुक्त अब्दुल कय्यूम को बरी कर दिया गया है.

दोषियों की सज़ा पर अब मुंबई की टाडा कोर्ट में सोमवार से सुनवाई होगी. टाडा अदालत में जस्टिस जीएस सानप ने लंच से पहले 24 साल पुराने इस मामले में फैसला सुनाया. अबु सलेम के अलावा मुस्तफा दोसा, ताहिर मर्चेंट, करीमुल्ला शेख, रियाज सिद्दीकी और फिरोज राशिद खान को अदालत ने दोषी करार दिया है. 

साजिश-हत्या-आतंकी गतिविधियों का दोषी

अबु सलेम को सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने, हत्या और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया गया है. कोर्ट ने आतंकवाद निरोधक अधिनियम (टाडा) के तहत अबु सलेम को मुजरिम करार दिया है.

टाडा कोर्ट ने आईपीसी की दफा 302, 307 और 120 (बी ) के तहत सलेम को दोषी माना. अदालत ने ये भी माना कि सलेम धमाके का मुख्य साजिशकर्ता है. साथ ही दाऊद इब्राहिम के करीबी मुस्तफा दोसा को भी साजिश रचने, लोगों की हत्या और आतंकी गतिविधियों में मुजरिम करार दिया गया.  

मुंबई सीरियल ब्लास्ट की साजिश दुबई में रची गई थी और इसके पीछे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन के साथ अबु सलेम का हाथ माना गया था. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन धमाकों के बाद से विदेश में शरण लिए हुए हैं. 

TADA कोर्ट में दो चरणों में सुनवाई 

साल 2007 में पूरी हुए सुनवाई के पहले चरण में टाडा अदालत ने सौ आरोपियों को दोषी ठहराया था, जबकि 23 लोग बरी हुए थे. अबु सलेम पर गुजरात से मुंबई हथियार ले जाने का आरोप है. मामले के कुछ आरोपी विदेश से प्रत्यर्पण के बाद लाए गए. जिसके बाद 2007 में दूसरे चरण की सुनवाई शुरू हुई.

अबु सलेम ने अवैध रूप से हथियार रखने के मामले में पांच साल की सज़ा काट चुके अभिनेता संजय दत्‍त को एके 56 राइफलें, 250 कारतूस और कुछ हथगोले 16 जनवरी 1993 को उनके आवास पर सौंपे थे. आरोपों के मुताबिक दो दिन बाद 18 जनवरी 1993 को सलेम के साथ दो और लोग संजय दत्‍त के घर गए. वहां से दो राइफलें और कुछ गोलियां लेकर वे वापस चले गए. 

12 मार्च को 12 धमाके, 257 मौत 

12 मार्च 1993 को मुंबई में दो घंटे 12 मिनट के दौरान सिलसिलेवार 12 धमाके हुए थे. सीरियल ब्लास्ट में 257 लोगों की मौत हुई थी. धमाके के आरोपी भारत से फरार हो गए थे. सुरक्षा एजेंसियां लगातार उन्हें दबोचने की कोशिश कर रही थीं. 

अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम और उसकी गर्लफ्रेंड मोनिका बेदी को सुरक्षा एजेंसियों ने पुर्तगाल में दबोचा था. फिर उन्हें प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत लाया गया था. मुस्तफा डोसा को साल 2004 में यूएई से गिरफ्तार किया गया था. मुंबई धमाके में 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस मामले में 129 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाख़िल की गई थी. 

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन को 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड माना जाता है.

फांसी से बच जाएगा डॉन? 

दोषी करार दिए जाने के बावजूद संभावना है कि अबु सलेम फांसी की सजा से बच जाएगा. दरअसल पुर्तगाल के कानून के मुताबिक वहां 25 साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जा सकती. सीबीआई ने पुर्तगाल से सलेम का प्रत्यर्पण इसी शर्त पर किया था कि भारत में दोषी पाए जाने पर उसे फांसी की सज़ा नहीं दी जाएगी. ऐसे में पुर्तगाल से प्रत्यर्पण संधि होने की वजह से सलेम को फांसी या उम्रकैद की सजा नहीं दी जा सकती.   

अबु सलेम उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले का मूल निवासी है. सरायमीर कस्बे में सलेम का पुश्तैनी घर है. माना जाता है कि सलेम ने जब मुंबई में डी कंपनी की कमान संभाली थी, उस वक्त यहां के युवा डी कंपनी की तरफ आकर्षित हुए थे. कहा जाता है कि सलेम की शह पर दाऊद के गैंग में इलाके के कुछ युवा शूटर के तौर पर भी शामिल हुए.

1987 में वो दाऊद इब्राहिम के संपर्क में आया था. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सलेम की संपत्ति 5500 करोड़ के करीब है. उस पर हत्या, फिरौती और जबरन वसूली समेत कई अपराधों में 60 के आस-पास मुकदमे दर्ज हैं. टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की हत्या में भी सलेम आरोपी है. 1998 में सलेम ने दाऊद से नाता तोड़ते हुए दुबई में अपना ट्रेडिंग कारोबार शुरू किया था.

अबु सलेम
First published: 16 June 2017, 13:30 IST
 
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