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1993 मुंबर्इ ब्लास्ट: राशिद-ताहिर को फांसी, सलेम-करीमुल्ला को उम्रकैद, रियाज़ को 10 साल की कैद

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 September 2017, 13:31 IST

मुंबई की विशेष टाडा कोर्ट आज को मुंबई ब्लास्ट के दोषियों की सजा का ऐलान कर दिया है. इस मामले में कुख्यात अबू सलेम समेत 5 लोगों को सजा सुनाई है. एक दोषी मुस्तफ़ा अहमद डोसाकी पहले ही मौत हो चुकी है.

आज टाडा कोर्ट ने करीमुल्लाह ओसान ख़ान को उम्र कैद आैर दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनार्इ है. अबू सलेम को उम्र कैद की सजा सुनार्इ गर्इ है. इसमें रियाज़ सिद्दीक़ी को दस साल की सजा आैर फ़िरोज़ अब्दुल रशीद ख़ान, ताहिर मर्चेंट को फांसी की सजा सुनार्इ गर्इ .

क्या था पूरा मामला
12 मार्च, 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में ढाई सौ से अधिक लोगों की मौत हुई थी. मामले में कुल 7 आरोपी थे, जिनमें से एक अब्दुल कयूम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था और छह को दोषी पाया था. छह दोषियों में एक मुस्तफा डोसा की मौत हो चुकी है.

अबु सलेम यूं तो साजिश की धारा 120बी और हत्या के तहत दोषी पाया गया है. ऐसे में मौत की सजा का प्रावधान है, लेकिन अबु सलेम को पुर्तगाल से सशर्त लाया गया है कि उसे 25 साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जा सकती. वहीं ताहिर मर्चेंट, करीमुल्लाह खान और फ़िरोज़ अब्दुल राशिद खान ये सभी भी साजिश की धारा 120 बी, टाडा और हत्या के तहत दोषी पाए गए हैं.

आरोप है कि ये विस्फोट 6 दिसंबर, 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस के बदले के तौर पर किया गया था. विध्वंस के बाद मुंबई में दिसंबर 1992 और जनवरी 1993 में दो चरणों में खूनी सांप्रदायिक दंगे हुए थे. अभियोजनन पक्ष ने कहा था कि दाऊद गिरोह के सदस्यों ने अपने स्थानीय गुंडों टाइगर मेनन, दोसा भाइयों के साथ मिलकर मुंबई में आतंकी कृत्य की साजिश रची थी. इसके लिए दोसा के साथ टाइगर, छोटा शकील ने प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए थे.

First published: 7 September 2017, 13:11 IST
 
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