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24 साल बाद आया 1993 मुंबर्इ ब्लास्ट पर फैसला, जानें कब, क्या हुआ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 September 2017, 14:05 IST

24 साल बाद आज मुंबई बम धमाकों के गुनाहगारों को सजा सुनाई गई, मुंबई बम ब्‍लास्‍ट केस में मुंबई की विशेष टाडा कोर्ट ने ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी की सजा सुनाई है, वहीं अबू सलेम और करीमुल्‍ला शेख को उम्रकैद दी है.

इसके अलावा रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई है.अदालत ने सलेम और करीमुल्‍ला पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. आपको बता दें कि अदालत ने जून में छह आरोपियों अबू सलेम, मुस्तफा दौसा, फिरोज अब्‍दुल राशिद खान, ताहिर मर्चेंट, करीमुल्‍लाह खान और रियाज सिद्दीकी को दोषी माना था. जबकि एक अन्‍य आरोपी अब्‍दुल कयूम को अदालत ने बरी कर दिया था.

12 मार्च 1993 को 12 जगहों पर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से मुंबर्ई को हिलाकर रख दिया था. इस घटना में 257 लोगों की जान गई थी जबकि 800 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. मुंबई में एक के बाद एक 12 जगहों पर धमाके हुए जिनमें खास तौर पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, सेंटूर होटल, झावेरी बाजार, एयर इंडिया बिल्डिंग, कत्था बाजार जैसी जगह शामिल थी और जहां सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई.

4 नवंबर 1993 को धमाका मामले में 189 लोगों के खिलाफ दस हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई. 19 नवंबर 1993 को मामला की जांच सीबीआई को सौंपी गई. करीब सात महीने बाद संजय दत्त को दोबारा गिरफ्तार किया गया और उन्हें 18 महीनों की जेल हुई. 16 अक्टूबर 1995 को संजय दत्त को जमानत मिल गई.

अप्रैल 1995 में मुंबई की टाटा अदालत में मामले की सुनवाई शुरू की गई. साल 2000 तक अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान खत्म हुए और 2001 तक अभियोजन पक्ष की दलीलें खत्म हुई. साल 2003 में मामले पर सुनवाई पूरी हुई. साल 2006 में अदालत ने 123 अभियुक्तों पर फैसला सुनाना शुरू किया जिनमें से 12 को निचली अदालत से मौत की सजा और 20 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. इसके अलावा कोर्ट ने 68 लोगों को उम्रकैद से कम की सजा सुनाई जबकि 23 लोगों को निर्दोष माना.

इसके बाद करीब 12 साल तक मामले पर सुनवाई चलती रही और फिर साल 2007 में टाडा अदालत ने संजय दत्त को आर्म्स एक्ट का दोषी पाया लेकिन अन्य मामलों में बरी किया. कोर्ट ने संजय दत्त को 6 साल जेल की सजा सुनाई. 2 अगस्त 2007 को कोर्ट ने संजय दत्त को दोबारा हिरासत में लेने का आदेश दिया और उन्हें पुणे की येरवड़ा जेल में रखा गया.

लेकिन 20 अगस्त को संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई. टाडा कोर्ट के फैसले के खिलाफ संजय दत्त ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने साल 2013 में संजय दत्त को पांच साल जेल की सजा सुनाई. 16 जून 2017 को टाडा कोर्ट ने अबू सलेम को 1993 सीरीयल ब्लास्ट का दोषी माना और सलेम की सजा पर फैसला सुरक्षित रखा.

12 मार्च 1993: मुंबई में 12 जगहों पर एक के बाद एक धमाके किए गए थे.

4 नवंबर 1993: 189 लोगों के खिलाफ केस दायर हुआ और फिर 10,000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई.

19 नवंबर 1993: मालमे की जांच सीबीआई को सौंपी गई.

19 अप्रैल 1995: मुंबई की टाडा अदालत में सुनवाई शुरू.

अक्टूबर 2000: गवाहों के बयान लेने का काम पूरा हुआ.

सितंबर 2003: सुनवाई पूरी हुई. फैसला सुनाया जाना बाकी.

सितंबर 2006: अदालत ने फैसला सुनाना शुरू किया. 123 आरोपियों में से 12 को फांसी हुई. 20 को उम्र कैद हुई, जिनमें से दो की मौत हो चुकी थी. 68 लोगों को अलग-अलग उम्र कैद हुई. 23 लोगों को निर्दोष माना गया था.

नवंबर 2006: अभिनेता संजय दत्त को एके-56 राइफल रखने का दोषी पाया गया.

27 जुलाई 2007: स्पेशल कोर्ट ने याकूब मेमन को फांसी की सजा सुनाई.

21 मार्च 2013: सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त पर फैसला बरकरार रखा. अभिनेता को जेल भेज दिया गया.

30 जुलाई 2015: याकूब मेमन को फांसी दी गई.

16 जून 2017: मुस्तफा दौसा और अबु सलेम समेत छह लोगों को दोषी ठहराया गया.

साल 2014 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने याकूब मेमन की दया याचिका खारिज की वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी पुन: विचार याचिका खारिज कर दी. 29 जुलाई 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने याकूब मेमन को मिली फांसी की सजा पर रोक लगाने से इनकार किया. याकूब ने राष्ट्रपति के पास फिर से गुहार लगाई लेकिन राष्ट्रपति ने फिर से दया याचिका खारिज कर दी.

29 जुलाई 2015 को याकूब मेमन की फांसी को लेकर क्यूरेटिव पेटिशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुबह तीन बजे तक सुनवाई शुरू हुई और सुबह करीब पांच बजे तक चली लेकिन अंत में याचिका खारिज कर दी गई और पहली बार 1993 ब्लास्ट केस में याकूब मेमन को फांसी दी गई.

First published: 7 September 2017, 14:05 IST
 
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