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नोटबंदी के 2 साल, कहीं नुकसान तो कहीं मुनाफा, जानें दो सालों में कितनी बदली अर्थव्यवस्था

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 November 2018, 13:49 IST

नोटबंदी को आज 2 साल पूरे हो गए हैं. आज से दो साल पहले आज ही के दिन प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक नोटबंदी जैसा ऐतिहासिक फैसले सुनाया था. आज से 2 साल पहले पीएम की एक घोषणा के बाद से अचानक रात 12 बजे के बाद से उस वक़्त चलन में रहे 500 और 1000 के नोट बंद हो गए. इस एक फैसले से पूरे देश में अफरा तफरी मच गई थी. इस घोषणा के बाद से रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 500 के नए नोट सर्कुलशन में उतारे थे और 1000 रुपये के नोट को बंद कर दिया. नोटबंदी के इन 2 सालों में इस फैसले की सफलता और असफलता को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है.

नोटबंदी के बाद से इन दो सालों में कहीं नुकसान हुआ तो कहीं फायदा भी. नोटबंदी के बाद से नकदी पर होने वाले अधिकार काम ठप्प हो गए. कई फैक्ट्रियां बंद हो गई जिससे सैकड़ों लोगों से रोजगार छिन गया. कई ऐसे मामले भी सामने आये जिनमें उन लोगों को भी नुकसान हुआ जो बहुत ही छोटे कामगर थे और उनके पास बैंक सेविंग नहीं थी. उनके पास जो भी बचत और खर्चा था वो सब नगद पर ही निर्भर था.

हालांकि नोटबंदी के बाद डिजिटल ट्रांजैक्शन काफी तेजी से बढ़ गया. सितंबर 2018 तक BHIM ऐप का ऐंड्रॉयड वर्जन 3 करोड़ 55 लाख जबकि आईओएस वर्जन 17 लाख डाउनलोड हो चुका था. आंकड़ों की मानें तो 18 अक्टूबर 2018 तक BHIM ऐप से 8,206.37 करोड़ के कुल 18 लाख 27 हजार ट्रांजैक्शन किए गए. लेकिन जाहिर तौर पर उन लोगों को नुकसान हुआ जो कि टेक-सेवी नहीं थे और जिनका आर्थिक आय-व्यय नगद पर ही निर्भर था.

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छपाई एवं अन्य मदों पर खर्च बढ़ा

नोटबंदी के बाद से रिज़र्व बैंक पर नोट छपने का अतिरिक्त खर्चा पड़ा. आरबीआई ने नोटबंदी के बाद 500 रुपये और 2,000 रुपये को नए नोट छापने पर 7,965 करोड़ रुपये खर्च किए. पिछले वर्ष नोट छापने पर आधे से भी कम 3,421 करोड़ रुपये ही खर्च हुए थे. वित्त वर्ष 2017-18 में नोट छपाई पर 4,912 करोड़ रुपये खर्च हुए. इस बारे में केंद्रीय बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 में उसकी आमदनी 23.56 प्रतिशत घट गई जबकि व्यय यानी खर्च दोगुने से भी ज्यादा 107.84 प्रतिशत बढ़ गया.

ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर के लिए एप्प को मुनाफ़ा, RuPay और UPI का जलवा

नोटबंदी के बाद से पेमेंट सिस्टम RuPay का काफी दबदबा रहा. गौरतलब है कि साल 2012 में नैशनल पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा तैयार किया गया था. NPCI के आंकड़ों की मानें तो इस वर्ष अगस्त महीने में RuPay कार्ड्स से 4 करोड़ 96 लाख ट्रांजैक्शन के जरिए 62 अरब 90 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. वहीं UPI से अगस्त महीने में 31 करोड़ 20 लाख बार इस पेमेंट मोड के इस्तेमाल से 5 अरब 42 करोड़ 10 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ था.

First published: 8 November 2018, 12:33 IST
 
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