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हैदराबाद ब्लास्ट 2007 में नहीं मिला न्याय, सभी सबूत आकस्मिक आए- असदुद्दीन ओवैसी

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 September 2018, 17:18 IST

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुसलमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 2007 में हुए हैदराबाद धमाकों में आए फैसले पर प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के स्पेशल कोर्ट का फैसला आने के बाद उन्होंने कहा कि अभी न्याय नहीं हुआ है. एनआईए कोर्ट ने पांच में से दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया और दो को बरी कर दिया गया. एक आरोपी पर फैसला सोमवार को दो दोषियों की सजा के साथ होगा.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा," ये हैदराबाद के लिए दुखद घटना है. बरी किए गए आरोपी के वकील सतार ने मुझे बताया कि सभी सबूत आकस्मिक थे. यहां तक की चश्मदीद गवाह भी धमाके के 1.5 साल बाद मिले. मुझे लगता है कि न्याय अभी तक नहीं हुआ है."

एनआईए कोर्ट ने 5 आरोपियों में से अनीक शफीक सईद और इस्माइल चौधरी को इन धमाकों में दोषी पाया. पहले इस केस में फैसला 27 अगस्त को आना था. लेकिन सेशन कोर्ट के जज श्रीनिवास राव ने ये फैसला 4 सितंबर तक टाल दिया था. 

इस मामले में मोहम्मद सादिक, अंसर अहमद बादशाह शेख, मोहम्मद अकबर इस्माइल चौधरी और अनीक शफीक सईद और तारिक अजुंम को 27 अगस्त को तेलंगाना की चेरलापल्ली सेंट्रल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था. इन सभी अभियुक्तों के संबंध इंडियन मुजाहिद्दीन से होने के आरोप हैं. 

11 साल पहले हुए धमाके 

25 अगस्त 2007 की शाम आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में दो भयानक सीरियल धमाके हुए थे. इन धमाकों में 42 लोगों की जान गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. हैदराबाद में पहला धमाका लुंबिनी अम्युजमेंट पार्क में 7 बजकर 45 मिनट पर हुआ था जबकि दूसरा धमाका इसके ठीक 5 मिनट के बाद 7 बजकर 50 मिनट पर गोकुल घाट भंडार पर हुआ था. इसके अलावा रात को दिलसुखनगर ने एक जिंदा बम बरामद किया था.

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First published: 4 September 2018, 17:16 IST
 
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