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2008 मालेगांव ब्लास्ट: कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 August 2017, 12:12 IST

2008 के मालेगांव ब्‍लास्‍ट केस में कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने कर्नल पुरोहित की याचिका पर उन्हें अंतरिम ज़मानत दे दी है. बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कर्नल पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी.

अपनी याचिका में कर्नल पुरोहित ने कहा था कि वो पिछले आठ सालों से जेल में बंद है. 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल पुरेहित की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. गौरतलब है कि 2008 के मालेगांव ब्‍लास्‍ट केस में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले की एक अन्‍य आरोपी साध्‍वी प्रज्ञा को जमानत दे दी थी.

याचिका में पैरिटी (parity) के आधार पर जमानत मांगी गई है. इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सही फैसला नहीं दिया है. याचिका में ये भी कहा है कि हाई कोर्ट ने सेना की कोर्ट आफ इंक्वायरी की रिपोर्ट पर गौर नहीं किया जिसमें कहा गया है कि वो सेना के लिए इंटेलीजेंस का काम करते थे. बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसी आधार पर साध्वी प्रज्ञा को जमानत दे दी लेकिन उनको जमानत देने से इनकार कर दिया. इसलिए उन्हें भी समानता के आधार पर जमानत दे दी जाए.

मालेगांव ब्लास्ट मामला

29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी और 101 लोग घायल हुए थे. महाराष्ट्र एटीएस ने अपनी जांच में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया था. बाद में जांच एनआईए को दे दी गई.

एनआईए ने अपनी जांच के बाद 13 मई 2016 को दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में मामले में मकोका लगाने का आधार नहीं होने की बात कहकर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलने लायक सबूत नहीं होने दावा किया था.

पुरोहित ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दी. हाईकोर्ट में भी जांच एंजेसी एनआईए ने कर्नल पुरोहित की अर्जी का विरोध किया था, जिसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने कर्नल पुरोहित की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

First published: 21 August 2017, 12:12 IST
 
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