Home » इंडिया » 22 died by Floods in Madhya Pradesh
 

तस्वीरें: मध्य प्रदेश में बर्बादी की बारिश, 22 मौतें, 25 हजार मकान जमींदोज

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 July 2016, 15:39 IST
(पत्रिका)

मध्य प्रदेश के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश में पिछले 24 घंटो के दौरान सात लोगों की जान जा चुकी है. इसके साथ ही बाढ़ और बारिश से राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है.

नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं. मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 

भोपाल, देवास, रायसेन, होशंगाबाद, छिंदवाड़ा और नरसिंहपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है (पत्रिका)

राज्य के 68 राहत केंद्रों में 15801 लोग रह रहे हैं. वहीं बाढ़ की वजह से प्रदेश में 25,000 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और 18,000 मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं. बताया जा रहा है कि बाढ़ में 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

बाढ़ प्रभावित लोगों के के लिए बनाए 68 राहत केंद्रों में 15801 लोग रह रहे हैं (पत्रिका)

मध्य प्रदेश सरकार के मुताबिक, भारी बारिश और बाढ़ की वजह से पिछले 24 घंटो में कई इलाक़ों से 1450 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.जबकि प्रभावित इलाकों से अब तक साढ़े सात हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

प्रदेश में 25,000 मकान पूरी तरह से और 18,000 मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं (पत्रिका)

भारी बारिश ने पूरे प्रदेश को अस्त-व्यस्त कर दिया है. जगह-जगह लोग बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं. मानसून की बारिश के कारण प्रदेश की ज्यादातर प्रमुख नदियां उफान पर हैं. कई जिलों का सड़क संपर्क टूट गया है.

बाढ़ का पानी भरने से अंतिम संस्कार में भी लोगों को मुश्किल हो रही है (पत्रिका)

बाढ़ के बीच में फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए सेना, आपदा प्रबंधन टीम (एनडीआरएफ) और होमगार्ड के जवानों की मदद ली जा रही है. 

राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1079 जारी किया है, सभी 51 जिलों में कंट्रोल रूम बनाया गया है (पत्रिका)

पिछले कई दिनों से हो रही भीषण बारिश के चलते राज्य में रेल सेवा भी प्रभावित हुई है. भोपाल के हबीबगंज, इटारसी, जबलपुर, सागर और बीना में रेल की पटरियां पानी में डूबी हुई हैं. जिसके चलते रेल यातायात प्रभावित हुआ है.

अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री नीचे गिर गया है, जिससे दिन और रातें ठंडी हो गई हैं. (पत्रिका)

प्रदेश सरकार ने राहत और बचाव के लिए सभी 51 ज़िलों में कंट्रोल रूम बनाए हैं, जो 24 घंटे काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले के कलेक्टरों को हालात पर जल्द से जल्द काबू पाने के निर्देश दिए हैं.

विदिशा में घर पानी में डूब जाने के बाद भीगा अनाज बचाने की कोशिश करता बुजुर्ग (पत्रिका)
First published: 11 July 2016, 15:39 IST
 
अगली कहानी