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दो साल भगवाराज: 24 महीने और 24 विवाद

निखिल कुमार वर्मा | Updated on: 22 May 2016, 9:39 IST

26 मई, 2016 को मोदी सरकार केंद्र में दो साल पूरा करने जा रही है. केंद्र में पहली बार पूर्ण बहुमत से आई बीजेपी सरकार से आम जनता की काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं और सरकार ने भी जनता से तमाम बड़े वादे कर रखे हैं.

मोदी सरकार ने पिछले दो सालों में किसान फसल बीमा योजना, जन धन योजना, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप्स इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, स्मार्ट सिटी योजना और डिजिटल भारत जैसी तमाम महत्वाकांक्षी योजनाओं की नींव रखी है. इनके परिणाम आने में कुछ वक्त लगेगा.

वैश्विक अर्थव्यवस्था में छाई मंदी के बावजूद पिछले दो सालों से भारतीय अर्थव्यवस्था चीन से साथ अकेली है जिसने सात फीसदी के आस पास अपनी विकास दर को बनाए रखा है. बावजूद इसके सरकार महंगाई और बेरोजगारी की लगाम कस पाने में विफल रही है.

अपनी सफलताओं से ज्यादा यह सरकार अब तक मौके-बेमौके हुए विवादों के कारण सुर्खियों में रही है

हाल में ही पांच राज्यों के नतीजे में बीजेपी को मिली सफलता से ऐसा लगता है कि लोगों का भरोसा अब भी बीजेपी और मोदी सरकार पर बना हुआ है.

उपलब्धियों के इतर पिछले दो सालों में इस सरकार के साथ विवादों की भी एक लंबी श्रृंखला जुड़ी है. सरकार का एक दिन भी नहीं बीता है जब मोदी सरकार के मंत्री, सासंद या कार्यकर्ता किसी विवाद में ना फंसे हो. अपनी सफलताओं से ज्यादा यह सरकार अब तक मौके-बेमौके हुए विवादों के कारण सुर्खियों में रही है.

पढ़ें: मोदी को दूसरी सालगिरह पर अरुण शौरी के 10 उपहार

महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और असम जैसे राज्यों में मिली ऐतिहासिक चुनावी जीत के बावूजद संसद हो या सड़क मोदी सरकार को विपक्षी दलों के अलावा आम लोगों के गुस्से का निशाना भी बनना पड़ा है.

कहा जा सकता है कि बीजेपी में 70 पार नेताओं को किनारे कर दिए जाने से पैदा हुई अनुभवहीनता के कारण भी सरकार को कई बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. अब तक दो सत्रों में लगातार सदन में सरकार को राष्ट्रपति के अभिभाषण में संशोधन के लिए मजबूर होना पड़ा है.

एक नजर मोदी सरकार से जुड़े विवादों की अनवरत श्रृंखला पर:

स्वामी-राजन विवाद, मई 2016

बीजेपी सदस्य और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्‍यम स्वामी भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन को हटाने की मांग मोदी सरकार से कर रहे हैं. स्वामी ने हाल ही में मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया ‌कि राजन 'जानबूझकर' "भारतीय अर्थव्यवस्था का कचरा" करने की कोशिश कर रहे हैं और राजन "मानसिक रूप से पूरी तरह से भारतीय नहीं हैं". वहीं कांग्रेस खुलकर राजन के बचाव में आ गई है. कांग्रेस ने राजन पर व्यक्तिगत हमले को एक 'फासीवादी' अभियान बताते हुए पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया है.

सोमालिया-केरल, मई 2016

प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के एक चुनावी रैली में इस राज्य की तुलना सोमालिया से की थी. उनके इस बयान पर काफी हंगामा मचा. केंद्रीय आंकड़ों के अनुसार केरल देश के सबसे विकसित राज्यों में से एक है. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि पीएम ने प्रधानमंत्री के कार्यालय को अपमानित किया है. चांडी ने पीएम से बयान वापस लेने की मांग की और कहा कि पीएम बिलकुल आधारहीन बयान दे रहे हैं.

आईआईटी में संस्कृत शिक्षा, अप्रैल 2016

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में बयान दिया कि उन्होंने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (आईआईटी) से संस्कृत भाषा भी पढ़ाने का अनुरोध किया है. उनके इस प्रस्ताव का विरोध देश भर में हुआ है. सीपीएम महासचिव ने सीताराम येचुरी ने ईरानी को सुझाव देते हुए कहा था, ‘आप तो एचआरडी मंत्रालय का नाम ही बदल दें. इसे हिंदू राष्ट्र डेवलपमेंट मिनिस्ट्री कर दें.’

अगस्ता वेस्टलैंड मामला, अप्रैल 2016

पिछले महीने इटली की कोर्ट ने भारत से 3600 करोड़ रुपये में 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप में फिनमेकैनिका के पूर्व प्रमुख गियूसेप्पे ओरसी और अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ ब्रूनो स्पागनोलिनी को कैद की सजा सुनाई थी. इस मामले में कुछ भारतीय नेताओं और अधिकारियों पर रिश्वत लेने का भी आरोप लगा है. बीजेपी पर इस मसले पर पिछले दो सालों तक कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लग रहा है. इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह का नाम भी सामने आया है.

मोदी डिग्री विवाद, अप्रैल 2016

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीए और एमए की डिग्री की विवाद जारी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी का कहना है कि पीएम मोदी की डिग्री 'फर्जी' है. पार्टी का कहना है कि बीए और एमए की डिग्रियों में पीएम के नाम में अंतर है. पार्टी का कहना है कि बीए की डिग्री में नाम नरेंद्र कुमार दामोदर दास मोदी दर्ज है, जबकि एमए की डिग्री पर नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी दर्ज है. बीजेपी ने आप के आरोपों को खारिज किया है.

विजय माल्या, मार्च 2016

पूर्व राज्यसभा सांसद और शराब कारोबारी विजय माल्या के भारत छोड़कर लंदन चले जाने पर केंद्र सरकार विपक्षी दलों की निशाने पर आ गई. विजय माल्या के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी की अपील की है. माल्या पर बैकों का 9000 करोड़ रुपए का कर्ज बाकी है. केंद्र सरकार अब तक ब्रिटेन से माल्या का प्रत्यर्पण करवाने में असफल रही है.

उत्तराखंड राष्ट्रपति शासन, मार्च 2016

कांग्रेस के नौ विधायकों के बागी होने के बाद केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा की थी. राज्य में 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन लगा था जबकि एक दिन बाद ही विधानसभा में शक्ति परीक्षण होना था. एक महीने की लंबी खींचतान के बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद विधानसभा में शक्ति परीक्षण हुआ जिसमें कांग्रेस को बहुमत मिला और हरीश रावत दोबारा मुख्यमंत्री बने. उत्तराखंड राजनीतिक संकट में बीजेपी पर विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगा.

जेएनयू विवाद, फरवरी 2016

नौ फरवरी को दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर हुए एक कार्यक्रम के सिलसिले में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगे. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अति सक्रियता दिखाते हुए जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. देखते ही देखते विश्वविद्यालय की अनुशासनिक राजनीति एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गई. कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दलों ने कन्हैया की गिरफ्तारी का विरोध किया.

पठानकोट हमला, जनवरी 2016

पिछले साल 25 दिसंबर को पीएम मोदी की अचानक लाहौर यात्रा ने सबकों चौंका दिया था. लेकिन इसके एक सप्ताह बाद ही पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला हो गया. चार दिनों तक चली कार्रवाई में सात जवान शहीद हुए जबकि छह आतंकवादी मारे गए. मोदी सरकार ने पाकिस्तानी जांच दल को पठानकोट का दौरा करने दिया जबकि अभी तक भारतीय जांच दल पाक जाने की राह देख रहा है. पठानकोट ऑपरेशन के दौरान सरकार के भीतर आपसी समन्वय का अभाव उजागर हुआ जब हमले के पहले ही दिन गृहमंत्री ने ऑपरेशन समाप्त होने का ऐलान कर दिया था.

रोहित वेमुला, जनवरी 2016

हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित स्कॉलर रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता बंडारू दत्तात्रेय और मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी की भूमिका संदेहास्पद पाई गई. बंडारू ने रोहित समेत पांच लड़कों के खिलाफ स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी. वेमुला ने कथित तौर पर प्रशासन के रवैये से तंग आकर 18 जनवरी 2016 को आत्महत्या कर ली थी. वेमुला को न्याय दिलाने की मांग को लेकर देश भर में आंदोलन हुए और बीजेपी पर दलित विरोधी होने का आरोप लगा.

अरुणाचल प्रदेश, दिसंबर 2015

पिछले साल बीजेपी और केंद्र सरकार पर राज्यपाल के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश की कांग्रेसी सरकार को गिराने का आरोप लगा. बीजेपी ने कांग्रेस के बागी विधायकों को समर्थन देकर नाबाम तुकी सरकार के सामने संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया था. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के बावजूद राज्य में 26 जनवरी को राष्ट्रपति शासन लगाया गया. फरवरी महीने में राष्ट्रपति शासन हटने के बाद वहां बीजेपी विधायकों के समर्थन से कांग्रेस के बागी नेता कलिखो पुल को नया मुख्यमंत्री चुना गया.

पुरस्कार वापसी, सितंबर 2015

पिछले साल देश में 'असहिष्णुता' के विरोध में कई लेखकों, साहित्यकारों, फिल्मकार और वैज्ञानिकों ने पुरस्कार वापस करना शुरू कर दिया. इसकी शुरुआत हुई हिंदी वरिष्ठ साहित्यकार उदय प्रकाश से जिन्होंने अंधविश्वास के खिलाफ लड़ रहे कन्नड़ विद्वान कलबुर्गी की हत्या की निंदा करते हुए अपना साहित्य अकादमी सम्मान लौटा दिया था. हालांकि कई लोग विरोध दर्ज करने के लिए पुरस्कार लौटाने के तरीके से सहमत नहीं थे. दूसरे खेमे के लोगों ने पुरस्कार वापसी अभियान के विरोध में अभिनेता अनुपम खेर के नेतृत्व में दिल्ली में एक मार्च निकाला.

नेपाल, सितंबर 2015

नेपाल का मधेसी समूह पिछले साल सितंबर में अपनाए गए नए संविधान का विरोध कर रहा हैं. संविधान को लेकर मधेशी समुदाय के चितांओं के बीच भारत और नेपाल के संबंधों को झटका लगा. पिछले साल नेपाल ने भारत पर नाकाबंदी लागू करने का आरोप लगाया था जिससे नेपाल में जरूरी सामान की आपूर्ति रुक गई थी. हालांकि भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था. जानकारों के मुताबिक भारत की नेपाल नीति असफल सिद्ध हुई है और नेपाल पर चीन का प्रभाव बढ़ता जा रहा है.

बिहार डीएनए, जुलाई 2015

पीएम मोदी ने 25 जुलाई 2015 को बिहार के मुजफ्फरपुर में एक चुनावी रैली में कहा था, "नीतीश कुमार के डीएनए में कुछ समस्या है." इस बात को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने चुनावी मुद्दा बना दिया. मंझे हुए राजनेता नीतीश ने मोदी के इस जुमले को बिहारियों का अपमान कहकर प्रचारित करना शुरू कर दिया. राजनीतिक जानकारों के अनुसार बिहार चुनाव में नीतीश पर व्यक्तिगत हमले का खामियाजा बीजेपी को भुगतना पड़ा.

एफटीआईआई, जून 2015

भारतीय फिल्म और टेलिविजन संस्थान (एफटीआईआई) के गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष पद पर बीजेपी नेता और अभिनेता गजेंद्र चौहान की नियुक्ति विवादों में रही. चौहान की नियुक्ति से नाराज छात्रों ने 139 दिनों का लंबा आंदोलन चलाया लेकिन केंद्र सरकार ने अपने कदम वापस नहीं खींचे. छात्रों को इस मुद्दे पर फिल्म उद्योग से जुड़े कई लोगों और राजनेताओं का समर्थन मिला. इस मामले में छात्रों का 'शांतिपूर्ण' विरोध जारी है.

ललित मोदी-सुषमा स्वराज विवाद, जून 2015

आईपीएल में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपी ललित मोदी को ब्रिटिश यात्रा दस्तावेज दिलाने में 'मदद' करने के आरोप में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को संसद में विरोध का सामना करना पड़ा था. वहीं राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भी आरोप लगा कि उन्होंने ललित मोदी को ब्रिटेन में रहने के लिए इजाजत दिलाने में मदद की थी. इस मामले में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर ललित मोदी को संरक्षण देने का आरोप लगाया.

बीफ विवाद, मार्च 2015

पिछले साल मार्च महीने में हरियाणा और महाराष्ट्र के गो-हत्या विरोधी कानून कड़े करने पर 'बीफ' का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया. इसके समर्थन और विरोध पर देशभर में आवाजें उठने लगी. बीजेपी और सरकार पर आरोप लगने लगा कि वे अपनी पसंद को देश पर थोपना चाहते हैं. इसी दौरान दिल्ली से सटे दादरी इलाके में भीड़ ने ईद के मौके पर बीफ रखने के शक में अखलाक नाम के व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी और उसके बेटे को अधमरा कर दिया. इसके बाद भी बीफ को लेकर लगातार हिंसा की खबरें आती रहीं. बीफ अंतरराष्ट्रीय मसला बन गया.

भूमि अधिग्रहण बिल, मार्च 2015

राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के चलते केंद्र सरकार का भूमि अधिग्रहण बिल और जीएसटी जैसे कई महत्वपूर्ण विधेयक अब तक लटके हुए हैं. भूमि अधिग्रहण बिल पर तीन बार मोदी सरकार ने अध्यादेश जारी किया था. यह बिल लोकसभा में पास हो गया लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के चलते राज्यसभा से पारित नहीं हो सका. इस बिल का विरोध विपक्षी दलों के अलावा किसान और बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी किया था.

जुमला विवाद, फरवरी 2015

पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक दो दिन पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि नरेंद्र मोदी के काला धन वापस लाने के बाद हर परिवार के खाते में 15-15 लाख रुपए जमा करने की बात एक चुनावी जुमला है. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि वे काला धन देश में वापस लाएंगे और हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा करेंगे.

सूट-बूट की सरकार, जनवरी 2015

पीएम मोदी ने पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान एक कार्यक्रम में गहरे रंग का एक सूट पहना था, जिस पर बारीक पट्टियों में बार-बार उनका नाम लिखा हुआ था. उस समय कहा गया कि यह सूट 10 लाख रुपये में बना है. अगले महीने नीलामी में इस सूट की बोली 4.31 करोड़ रुपये लगी. मोदी द्वारा इस सूट के पहनने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कई रैलियों में केंद्र सरकार को 'सूट-बूट की सरकार' कहा. राहुल 'सूट बूट की सरकार' के कटाक्ष पर पीएम ने कहा था कि 'निश्चित रूप से सूट बूट, सूटकेस की तुलना में ज्यादा स्वीकार्य है.'

राज्यपालों पर गिरी गाज, जुलाई 2014

केंद्र में बीजेपी की सरकार बनते ही कथित तौर पर कई राज्यों के राज्यपालों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया. जुलाई, 2014 में पुडुचेरी के उपराज्यपाल वीरेंद्र कटारिया को उनके पद से हटा दिया गया था. उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि मोदी सरकार उन्हें गैर कानूनी तरीके से हटाने की कोशिश कर रही है.

लव जिहाद, अगस्त 2014

लोकसभा चुनाव के कुछ ही महीने बाद उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा उपचुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी नेताओं ने खतरनाक तरीके से लोगों को धार्मिक आधार पर लामबंद करने की कोशिश की. भाजपा नेताओं जिनमें योगी आदित्यनाथ सबसे आगे थे, लव जिहाद का मुद्दा उठाया. मेरठ में एक हिंदू लड़की के मुस्लिम लड़के से शादी को भाजपा नेताओं ने लव जेहाद का रंग देने की कोशिश की थी. हालांकि यह मुद्दा ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाया और उपचुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा.

डिग्री विवाद (स्मृति ईरानी), मई 2014

मोदी कैबिनेट में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. केंद्र में मोदी सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही स्मृति के खिलाफ आरोप लगा कि उन्होंने चुनाव आयोग को वर्ष 2004 और 2014 के आम चुनावों में अपनी डिग्री के बारे में अलग-अलग हलफनामें दिए थे. अदालत ने चुनाव आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय से ईरानी की डिग्रियों को पेश करने के आदेश दिए हैं.

केंद्रीय मंत्रियों के बेतुके बयान

केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, वीके सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति, कैलाश विजयवर्गीय जैसे नेताओं के बयानों से अक्सर हंगामा मचा है. बीजेपी नेता अक्सर जिस व्यक्ति से नाराज होते हैं उन्हें पाकिस्तान जाने की सलाह देते हैं. मोदी का विरोध करने वालों को पाकिस्तान भेजने की बात कहने वाले गिरिराज ने बिहार चुनाव के दौरान कहा था कि लालू और नीतीश बिहार को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा था कि शाहरुख खान खाते यहां का हैं और गाते पाकिस्तान का हैं. वीके सिंह कथित तौर पर दलितों की तुलना कुत्तों से कर चुके हैं.

First published: 22 May 2016, 9:39 IST
 
निखिल कुमार वर्मा @nikhilbhusan

निखिल बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं. राजनीति और खेल पत्रकारिता की गहरी समझ रखते हैं. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदी में ग्रेजुएट और आईआईएमसी दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा हैं. हिंदी पट्टी के जनआंदोलनों से भी जुड़े रहे हैं. मनमौजी और घुमक्कड़ स्वभाव के निखिल बेहतरीन खाना बनाने के भी शौकीन हैं.

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