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निजी क्षेत्रों में भी लागू हो 27 फीसदी आरक्षण: पिछड़ा वर्ग आयोग

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में 27 फीसदी सीटों को पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित करने की सिफारिश की है.

इस मामले में आयोग का कहना है कि सरकार की तरफ से एक कानून पारित किया जाए जिसके तहत व्यापारिक संस्थानों, अस्पतालों, ट्रस्टों सहित अन्य निजी संस्थाओं में पिछड़े वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया जाए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आयोग ने इस संबंध में मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक चिठ्ठी भी लिखी है.

सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने अयोग की सिफारिश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, 'इस संदर्भ में एक आधिकारिक समिति का गठन किया गया है. यह समिति निजी क्षेत्र के उद्योगपतियों एवं कॉरपोरेट सेक्टर के उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श कर रही है कि इस दिशा में सकारात्मक तौर पर क्या किया जा सकता है.'

मंत्री गहलोत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया, 'इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए समिति की बैठक समय-समय पर होती रहती है, लेकिन अभी ऐसा नहीं लग रहा है कि इस मुद्दे पर सकारात्मक माहौल बन रहा है. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए भी इस मुद्दे पर काफी लंबे समय से चर्चा चल रही है. लेकिन इस मामले में संबंधित क्षेत्र की सहमति के बगैर किसी भी सिफारिश को लागू करना मुश्किल है'.

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के एक वरिष्ठ सदस्य के मुताबिक वर्तमान में सरकारी क्षेत्रों में बहुत ही कम मौके रह गए हैं और इसलिए पिछड़ा वर्ग की श्रेणी के लोगों को नौकरियां मुहैया कराने के लिए निजी क्षेत्र को बारे में भी सोचना होगा.

आयोग की सिफारिश पर बायोकॉन की सीएमडी किरण मजूमदार शॉ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि 'प्राइवेट सेक्टर में आयोग की सिफारिश पूरी तरह से अव्यवहारिक है. हमारी कंपनी कभी भी कर्मचारियों को जाति और राजनैतिक बाध्यताओं के आधार पर नहीं नियुक्त करती है. राजनीतिक नेता अपनी बात हमसे कह सकते हैं लेकिन वो हमारी कंपनियों को नहीं चला सकते है.'

गौरतलब है कि इस मामले में केंद्र सरकार के मंत्री रामविलास पासवान ने 1 फरवरी को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि निजी क्षेत्र की नौकरियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों को आरक्षण के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए.

पासवान का कहना था कि उनकी पार्टी का मानना है कि निजी कंपनियों को, जो सरकार से सुविधाएं हासिल कर रही हैं, उन्हें नौकरियों में दलितों के लिए आरक्षण मुहैया कराना चाहिए.

First published: 10 February 2016, 4:18 IST
 
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