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छत्तीसगढ़: मार्च महीने में अब तक 33 नक्सली डाल चुके हैं हथियार

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 March 2016, 15:12 IST

छत्तीसगढ़ में बीते दिनों नक्सलियों ने बड़े पैमाने पर पुलिस के सामने हथियार डाले हैं.

बीते सात मार्च को बीजापुर में कुल दस नक्सलियों ने बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी, बीजापुर कलेक्टर यशवंत कुमार, बीजापुर एसपी केएल ध्रुव के सामाने हथियार डाल दिये.

इन नक्सलियों में छह पर पंद्रह लाख रुपए का ईनाम था. इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में दो महिला नक्सलियों पर भी एक-एक लाख का ईनाम था.

इससे पूर्व बीते तीन मार्च को नक्सल प्रभावित बस्तर जिले में भी तेइस नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. समर्पण करने वाले नक्सलियों में तीन जनमिलिशिया कमांडर, एक जन मिलिशिया डिप्टी कमांडर, चार डीएकेएमएस सदस्य, दस जन मिलिशिया सदस्य और पांच संघम सदस्य शामिल थे.

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पुलिस अधीक्षक आरएन दास ने इनके बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में जनमिलिशिया कमांडर कमलेश नाग, जनमिलिशिया कमांडर तुलसी राम नाग और जन मिलिशिया प्लाटून कमांडर नरेश कुमार कश्यप के सिर पर एक-एक लाख रूपए के ईनाम घोषित थे.

इन नक्सलियों के समर्पण के मामले में सबसे हैरानी की बात थी कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के पास राशन कार्ड और आधार कार्ड मिले, वहीं चार नक्सलियों के पास इंदिरा आवास और बीस नक्सलियों के पास मतदाता परिचय पत्र और चौदह नक्सलियों के पास बैंक खाते भी थे.

छत्तीसगढ़ पुलिस इन आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास में मदद करके समाज के मुख्य धारा में लाने का प्रयास कर रही है.

इसके लिए तो सबसे पहले राज्य की तरफ से नक्सल रास्ता छोड़ने के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में दस-दस हजार रूपए दिए जा रहे हैं. सामाजिक संगठनो की मदद से इन आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार और छोटे कुटीर व्यवसाय के लिए ट्रेनिंग भी दी जा रही है.

First published: 11 March 2016, 15:12 IST
 
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