Home » इंडिया » 39 Indians killed in Iraq: For past 4 yrs EAM was telling me that they were alive
 

'पिछले चार साल से मुझे बताया जा रहा था कि वो जिन्दा है'

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 March 2018, 14:17 IST

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को पुष्टि की कि साल 2014 में इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों की मौत हो गई है. राज्यसभा में बोलते हुए स्वराज ने कहा कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने सभी भारतीय नागरिकों को मार डाला है. पिछले साल जुलाई में स्वराज ने संसद में कहा था कि वह किसी सबूत या प्रमाण के बिना 39 भारतीयों को मृत नहीं मान सकती.

सुषमा स्वराज ने लोकसभा में 2017 में एक बयान में कहा, "ठोस साक्ष्य के बिना किसी व्यक्ति को मृत घोषित करना पाप है. मैं यह पाप नहीं करुँगी." इससे पहले भारत ने इराक से लापता भारतीयों को ढूंढने में इराक से मदद का अनुरोध किया था. मारे गए 39 भारतीयों में ज्यादातर पंजाब से थे, वह मोसुल के पास एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, जहां से उनका अपहरण किया गया.

मारे गए 39 भारतीयों में शामिल मजिंदर सिंह की बहन गुरपिंदर कौर का कहना है कि ''पिछले 4 साल से हमें कहा गया कि वे जिन्दा हैं. पता नहीं अब क्या विश्वास करना है. मैं विदेश मंत्री से बात करने का इंतजार कर रही थी, क्योंकि हमें कोई जानकारी नहीं दी गई, हमने अब संसद में उनका बयान सुना है''.

इसको लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर का कहना है कि यह हर भारतीय के लिए दुख देने वाली खबर है. उन्होंने कहा ''मैं पूछता हूं कि यह जानकारी देने में सरकार देरी क्यों कर रही थी, उन्हें बता देना चाहिए कि यह कैसे हुआ, जब वह मारे गए थे. जिस तरह से सरकार ने परिवारों को बडी उम्मीदें दीं, वह सही नहीं था''

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दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि ''हमें उम्मीद थी कि यह पहले घोषित किया जाना चाहिए था, यह बहुत पहले से पता था. 39 भारतीयों की मौत पर जब लोकसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्पीकर से 39 भारतीयों की मौत पर बयान देने के लिए अनुमति मांगी तो विपक्ष ने नारेबाजी की.

मोसुल में 39 भारतीयों की मौत पर विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह का कहना है कि पहले कई खबरें विभिन्न तरीकों से आ रही थी. इसलिए वहां जाकर तथ्यों को सत्यापित करने के लिए एक प्रयास किया गया था, फिर डीएनए मैच किया गया.

इससे पहले सुषमा स्वराज ने अगवा लोगों के परिवार के सदस्यों को विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह द्वारा जुटाई गई सूचना से अवगत कराया था. अगवा हुए ज्यादातर लोग पंजाब के रहने वाले हैं. आतंकी संगठन आईएसआईएस से मोसुल के मुक्त होने के बारे में इराक़ी प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद वीके सिंह को इस खाड़ी देश में भेजा गया था. 

First published: 20 March 2018, 14:10 IST
 
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