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क्या कहते हैं इराक के मोसुल में मारे गए भारतीयों के परिजन

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 March 2018, 16:05 IST

इराक के मोसुल से लापता 39 भारतीयों के मौत की की जानकारी मंगलवार को जैसे ही संसद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दी, इस बयान ने उन परिवारों की वह उम्मीद एक झटके में ख़त्म कर दी जो उन्होंने पिछले चार साल से लगातार बांध रखी थी.  

मारे गए 39 भारतीयों में शामिल बिहार सिवान के विद्या भूषण तिवारी के चाचा पुरुषोत्तम तिवारी का कहना है कि ''मुझे नहीं पता अब मैं क्या कहूँ. में 2014 के बाद से सरकार से किसी तरह उसे वापस लाने के लिए अनुरोध कर रहा था. और आज वह कह रहे हैं कि वह अब जिन्दा नहीं हैं''.

जालंधर के देवेंद्र सिंह की पत्नी मंजीत कौर का कहना है कि ''मेरे पति 2011 में इराक गए और मैंने 15 जून 2014 को अंतिम बार उनसे बात की थी. हमें हमेशा बताया गया कि वे जीवित हैं. हम सरकार से कुछ भी मांग नहीं करते हैं''

पंजाब के जालंधर में रहने वाले सुरजीत कुमार की पत्नी कहती हैं कि ''मेरे पति 2013 में इराक गए और उनका 2014 में अपहरण कर लिया गया. हम सरकार से कुछ मांग नहीं करते. लेकिन मेरा एक छोटा बच्चा है, और अब मेरा कोई साथ देने वाला नहीं है.

सबसे पहले भारतीयों की मौत की जानकारी देने वाले और हाल ही में मोसुल से लौटे हरजीत मसीह का कहना है कि ''मैंने सरकार को सच पहले ही बता दिया था. सरकार ने उन 39 परिवारों को मिसलीड किया, जिन्होंने अपने संबंधियों को खोया है.

 

मारे गए लोगों में शामिल पंजाब के अमृतसर के गुरचरण सिंह की पत्नी कहती हैं कि ''पहले वे कह रहे थे कि सब ठीक-ठाक हैं और अब वह ऐसा कह रहे हैं. मुझे अब समझ नहीं आ रहा है कि क्या कहूँ''.

 

मारे गए 39 भारतीयों में शामिल मजिंदर सिंह की बहन गुरपिंदर कौर का कहना है कि ''पिछले 4 साल से हमें कहा गया कि वे जिन्दा हैं. पता नहीं अब क्या विश्वास करना है. मैं विदेश मंत्री से बात करने का इंतजार कर रही थी, क्योंकि हमें कोई जानकारी नहीं दी गई, हमने अब संसद में उनका बयान सुना है''.

 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को पुष्टि की कि साल 2014 में इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों की मौत हो गई है. राज्यसभा में बोलते हुए स्वराज ने कहा कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने सभी भारतीय नागरिकों को मार डाला है. पिछले साल जुलाई में स्वराज ने संसद में कहा था कि वह किसी सबूत या प्रमाण के बिना 39 भारतीयों को मृत नहीं मान सकती.

सुषमा स्वराज ने लोकसभा में 2017 में एक बयान में कहा, "ठोस साक्ष्य के बिना किसी व्यक्ति को मृत घोषित करना पाप है. मैं यह पाप नहीं करुँगी." इससे पहले भारत ने इराक से लापता भारतीयों को ढूंढने में इराक से मदद का अनुरोध किया था. मारे गए 39 भारतीयों में ज्यादातर पंजाब से थे, वह मोसुल के पास एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, जहां से उनका अपहरण किया गया.

First published: 20 March 2018, 16:05 IST
 
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