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भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाएंगे 'चिनूक' हेलिकॉप्टर, दुश्मन को देंगे मुंह तोड़ जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2019, 11:12 IST

भारतीय वायुसेना में शामिल होने के लिए चार चिनूक हेलिकॉप्टर भारत पहुंच चुके हैं. अभी 11 चिनूक हेलिकॉप्टर आना और बाकी हैं. चिनूक हेलिकॉप्टर के वायु सेना में शामिल होते ही वायुसेना की ताकत पहले से अधिक बढ़ जाएगी.

बता दें कि एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने रविवार को भारतीय वायुसेना के लिए प्रथम चार सीएच-47एफ (आई) मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर का बेड़ा गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा. बोइंग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सीएच-47 एफ (आई) चिनूक को चंडीगढ़ भेजा जाएगा, जहां इन्हें औपचारिक रूप से इस साल के अंत में इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया जाएगा.

बोइंग ने बयान में आगे कहा है कि सीएच-47 एफ (आई) चिनूक एक उन्नत मल्टी-मिशन हेलिकॉप्टर है, जो भारतीय सशस्त्र बलों को लड़ाकू और मानवीय मिशनों के पूरे स्पेक्ट्रम में बेजोड़ सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता प्रदान करेगा.

 

बता दें कि सितंबर 2015 में भारत के बोइंग और अमेरिकी सरकार के बीच 15 चिनूक हेलिकॉप्टर्स खरीदने के लिए करार किया गया था. अगस्त 2017 में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय सेना के लिए अमेरिकी कंपनी बोइंग से 4168 करोड़ रुपये की लागत से छह अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, 15 चिनूक भारी मालवाहक हेलीकॉप्टर अन्य हथियार प्रणाली खरीदने के लिए मंजूरी दी थी.

क्या है चिनूक हेलिकॉप्टर की विशेषता

बता दें कि सबसे पहले चिनूक ने 1962 में उड़ान भरी थी. यह एक मल्टीमिशन श्रेणी का हेलिकॉप्टर है. यही हेलिकॉप्टर अमेरिकी सेना की सबसे बड़ी ताकत है. इसी चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद से अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था. इस हेलिकॉप्टर का प्रयोग अमेरिकी सेना ने वियतनाम और इराक के युद्ध में भी प्रयोग किया है. चिनूक दो रोटर वाला हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर है.

बता दें कि भारत CH-47 एफ नाम के चिनूक हेलिकॉप्टर को खरीदा. ये हेलिकॉप्टर 9.6 टन वजन उठाने में सक्षम है. इस हेलिकॉप्टर से भारी मशीनरी, तोप और बख्तरबंद गाड़ियां लाने-ले जाने में आसानी होगीचिनूक हेलिकॉप्टर मल्टीमिशन श्रेणी का हेलिकॉप्टर है.

बोइंग के मुताबिक, अपाचे दुनिया के सबसे अच्छे लड़ाकू हेलिकॉप्टर माने जाते हैं. लेकिन चिनूक हेलिकॉप्टर बहुत ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम हैं. बता दें कि भारत अपाचे हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करने वाला 14वां देश है और अब चिनूक को इस्तेमाल करने वाला 19वां देश बन जाएगा. साल 2018 में भारतीय वायुसेना के पायलटों और फ्लाइट इंजीनियरों को बोइंग ने चिनूक हेलिकॉप्टर उ़ड़ाने की ट्रेनिंग दी थी.

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First published: 11 February 2019, 11:11 IST
 
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