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16 साल के तप का अंत, जानिए इरोम शर्मिला से जुड़ी कुछ खास बातें

शौर्ज्य भौमिक | Updated on: 20 August 2016, 12:49 IST
(फाइल फोटो)

16 साल बाद 'आयरन लेडी' इरोम शर्मिला आज अपना अनशन तोड़ रही हैं. मणिपुर की सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफ्स्पा) को हटाने की मांग पर अनशन कर रही थीं.

जानी-मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता 44 वर्षीय शर्मिला अब चुनाव लड़ना चाहती हैं. इरोम के सहयोगियों के मुताबिक वह मणिपुर विधानसभा का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ेंगी. इरोम को उनके अनशन के दौरान जबरन नाक में डाली गई ट्यूब के जरिये खाना खिलाया जाता रहा है.

इसी साल मार्च में उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा किया गया था. कई बार उन्हें आत्महत्या की कोशिश में दोबारा गिरफ्तार किया गया. रिहा होने के बाद शर्मिला ने निराशा जताई थी कि वो जिस मकसद के लिए लड़ रही हैं, उसके लिए लोगों का समर्थन अब कम होता जा रहा है. उनके अनशन से जुड़ी कुछ बातें:

10

  • नवंबर 2010 में इंफाल एयरपोर्ट के पास मलोम इलाके में असम राइफल्स के जवानों ने कथित मुठभेड़ में 10 नागरिकों की हत्या कर दी थी. इसके बाद विवादित आफ्सपा कानून को हटाने की मांग को लेकर इरोम शर्मिला अनशन पर बैठ गईं.
  • अनशन के तीन दिन बाद उन्हें आईपीसी की धारा 309 के तहत खुदकुशी की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद उन्हें नाक के रास्ते एक ट्यूब की मदद से भोजन दिया जाता है. यह अब तक का सबसे लंबे वक्त तक चलने वाल अनशन है.

28

साल

  • जब इरोम शर्मिला ने अनशन शुरू किया था उस वक्त उनकी उम्र 28 साल थी. शर्मिला ने अपनी उम्र के आधे से ज्यादा साल आफ्सपा के खिलाफ संघर्ष में गुजारे हैं.

  • शर्मिला ने एक बार कहा था, "मैं खाना चाहती हूं. मेरी मदद कीजिए. मेरे संघर्ष में साथ दीजिए. आइए हम आफ्सपा की समस्या का एक हल निकालें, जिससे हम साथ-साथ रह सकें, खा सकें, सो सकें और पानी पी सकें."

46

किलो

  • अनशन के 14 साल बाद नवंबर 2014 में इरोम शर्मिला का वजन 46 किलो था.

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन की एक रिसर्च के मुताबिक पिछले दो दशक के दौरान भारतीय महिलाओं का औसत वजन पांच किलोग्राम बढ़ा है.

  • पांच फीट से ऊपर वाली ज्यादातर भारतीय महिलाओं का वजन 51 से 54 किलो के बीच में होता है.

16000

कैलोरी

  • अनशन के बावजूद जीवित रहने के लिए रोजाना नली के जरिए शर्मिला को 16 हजार कैलोरी की खुराक दी जाती रही. सेरेलक, एप्पी जूस, हॉर्लिक्स और प्रोटीन शेक के रूप में उन्हें भोजन दिया गया.     

  • पिछले 16 साल के दौरान उन्हें एक दिन में तीन बार नाक के रास्ते जबरन भोजन दिया गया. कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शर्मिला का मासिक चक्र रुक चुका है और उनके कुछ अंगों को नुकसान पहुंचा है.

5

  • हिरासत में लिए जाने के बाद से इरोम शर्मिला को पांच अवॉर्ड मिल चुके हैं. इसमें मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशन प्रिजनर ऑफ कॉन्शन्स अवॉर्ड शामिल है.
  • 2014 में एमएसएन वोटिंग का टॉप वुमन आइकन ऑफ इंडिया और 2007 में ग्वांगझू मानवाधिकार अवॉर्ड भी उन्हें दिया गया.
  • 2010 में उन्हें एशियन ह्यूमन राइट्स कमीशन की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (आईआईपीएम) का रवींद्रनाथ टैगोर शांति पुरस्कार मिला.
  • शर्मिला को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव लड़ने के लिए टिकट का प्रस्ताव दिया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकराते हुए कहा कि वह एक प्रदर्शनकारी हैं राजनेता नहीं.

40

घंटे

  • पिछले दो दशक के दौरान शर्मिला को सबसे लंबे वक्त के लिए 2014 में आजादी मिली थी. अगस्त 2014 में उन्हें 40 घंटे के लिए रिहा किया गया था.

  • इसके ठीक अगले दिन आयरन लेडी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया. वह कितनी बार रिहा हुईं और कितनी बार दोबारा गिरफ्तार इसकी संख्या अनगिनत है.

131

  • 2010 से मार्च 2013 के बीच सेना की मानवाधिकार सेल को आफ्सपा से जुड़ी हुई 131 शिकायतें मिलीं.

  • हैरानी का बात यह है कि इस दौरान 131 में से केवल 7 शिकायतों को ही सही पाया गया और नौ लोगों को सजा हुई. सेना के द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन अब भी एक कड़वा सच बना हुआ है.

  • इंफाल के जवाहर लाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के स्पेशल वार्ड का कमरा नंबर एक ही शर्मिला का घर रहा है. 2014 में शर्मिला ने कहा था, "मैं एक शहीद नहीं हूं. मैं एक आम इंसान हूं. मैं भी खाना चाहती हूं."

First published: 20 August 2016, 12:49 IST
 
शौर्ज्य भौमिक @sourjyabhowmick

संवाददाता, कैच न्यूज़, डेटा माइनिंग से प्यार. हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडियास्पेंड में काम कर चुके हैं.

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