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नोटबंदी: 60 लाख खाताधारकों ने जमा कराए 7 लाख करोड़ के पुराने नोट

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 December 2016, 11:57 IST
(पीटीआई)

नोटबंदी की घोषणा के बाद से 60 लाख व्यक्तियों और कंपनियों ने अपेक्षाकृत बड़ी राशिओं की जमा के रूप में 7 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा करवाए हैं. वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

सरकार ने इन लोगों को आगााह करते हुए भविष्‍य में कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने कहा कि केवल बैंक में जमा करवा देने से ही कालाधन वैध नहीं हो जाएगा. कालेधन पर सरकार टैक्स का एक-एक पैसा वसूलेगी.

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सरकार किसी ईमानदार या खरे जमाकर्ता को शिकार नहीं बनाएगी, लेकिन कालेधन को वैध बनाने की कोशिश कर रहे कालाधन धारक को बख्शा नहीं जाएगा. इस तरह के लोगों के खिलाफ हरसंभव कार्रवाई की जानी है.

गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की और 1000 व 500 रुपये के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया.

अधिकारियों के अनुसार, नोटबंदी के बाद अघोषित धन रखने वालों के पास कर चोरी माफी योजना यानी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) का विकल्प है और अगर वे इसे नहीं चुनते हैं तो वे सरकार के लंबे हाथों से बच नहीं सकेंगे. 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "कुछ लोग मानते हैं कि उनका पैसा बैंकों में आ गया है तो सफेद हो गया है. ऐसा नहीं है. हमें दो लाख, पांच लाख रुपये से अधिक जमा करवाने वालों के बारे में दैनिक जानकारी मिल रही है. हम इस जानकारी को उसी व्यक्ति के पूर्व रिकॉर्ड से मिला रहे हैं'."

उल्लेखनीय है कि सरकार ने नोटबंदी के बाद कर चोरी माफी योजना या पीएमजीकेवाई की घोषणा की जो कि 17 दिसंबर से 31 मार्च 2017 तक रहेगी. इसमें 50 फीसदी कर और अन्य शुल्क चुकाकर अघोषित राशि को वैध बनाया जा सकता है. लेकिन इसके लिए उसे घोषित धन का 25 प्रतिशत बिना ब्याज वाले मियादी खाते में 4 साल के लिए जमा करना होगा. 

First published: 30 December 2016, 11:57 IST
 
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