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तेलंगाना: जजों के बाद अदालतों के 8000 कर्मचारी हड़ताल पर, कामकाज ठप

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 July 2016, 11:36 IST
(कैच न्यूज)

तेलंगाना की विभिन्न अदालतों और न्यायिक विभागों में काम करने वाले करीब 8,000 कर्मचारी शुक्रवार को राज्य में आंदोलनरत न्यायाधीशों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए अनिश्चितकालीन हडताल पर चले गए, जिससे अदालतों का कामकाज ठप पड़ गया.

इन कर्मचारियों की मांग है कि उच्च न्यायालय के बंटवारे और आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच न्यायिक अधिकारियों के अस्थायी नियुक्ति की सूची को वापस लिया जाए. तेलंगाना के कर्मचारियों का कहना है कि 120 से अधिक आंध्रा के न्यायिक अधिकारियों को तेलंगाना में तैनात किया गया है.

10 जिलों में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन 

अखिल भारतीय न्यायिक कर्मचारी एसोसिएशन के महासचिव बी लक्ष्मा रेड्डी ने कहा कि सभी 10 जिलों के कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया.

रेड्डी ने बताया, "आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच न्यायाधीशों की नियुक्ति को हम तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं. हमारी मांग है कि उच्च न्यायालय का बंटवारा होना चाहिए. हमारी मांगें पूरी होने तक हडताल जारी रहेगी."

रेड्डी समेत एसोसिएशन के अन्य आठ प्रमुख सदस्यों को उच्च न्यायालय ने गुरुवार को आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में निलंबित कर दिया था.

गौरतलब है कि हाई कोर्ट इससे पहले 11 जजों को भी अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर चुका है. फैसले के विरोध में दो सौ जज सामूहिक अवकाश पर हैं.

मुख्य न्यायाधीश की हड़ताल खत्म करने की अपील

हैदराबाद स्थित उच्च न्यायालय के कार्यवाहक न्यायमूर्ति मुख्य न्यायाधीश दिलीप बाबासाहेब भोंसले और कुछ अन्य न्यायाधीशों ने हड़ताल को अवैध बताते हुए आंदोलनरत न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने की अपील की है.

हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी बयान में चेतावनी भी दी गई कि यदि वे लोग काम पर नहीं लौटे तो अन्य विकल्पों पर विचार संभव है.

First published: 2 July 2016, 11:36 IST
 
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