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8 अनजानी बातें दिल्ली के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार की

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 December 2015, 17:33 IST

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत खफा हैं. दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई छापे के बाद से ही केजरीवाल लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं. दिल्ली सचिवालय में सीबीआई के छापे बाद तिलमिलाए केजरीवाल ने पीएम को कायर और मनोरोगी कह डाला.

राजेंद्र कुमार से सीबीआई ने मंगलवार को करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी. उनसे आज भी पूछताछ होनी है. सीबीआइ ने मंगलवार को कुमार के घर और दफ्तर पर छापेमारी की थी और कई कागजातों को जब्त किया था.

सीबीआई छापे की खबर सबसे पहले केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए दी. उनके ट्विट के जरिए दावा किया कि सीबीआई ने मुख्यमंत्री कार्यालय को सील कर दिया है. बाद में मामला बढ़ने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में कहा कि छापे दिल्ली के सीएम के दफ्तर पर नहीं बल्कि राजेंद्र कुमार के पुराने केस को लेकर डाले गए थे.

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सीबीआई ने कहा कि उसने कुमार के खिलाफ ‘दिल्ली सरकार के विभागों की निविदाएं दिलाने के लिए एक खास कंपनी की पैरवी करने के लिए’ मामला दर्ज किया है. सीबीआई के अनुसार कुमार ने अपने आधिकारिक पद का दुरूपयोग किया है.

राजेंद्र कुमार से जुड़ी कुछ बातें:

1. राजेंद्र कुमार 1989 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं. फरवरी 2015 में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रधान सचिव बनाया.

2. केजरीवाल जब 49 दिनों के लिए पहली बार सीएम बने तो कुमार को उन्होंने अपना सचिव बनाया.

3.कुमार की पढ़ाई दिल्ली स्थित आईआईटी से हुई है.

4. वह शहरी विकास विभाग के साथ-साथ पावर और परिवहन विभाग के भी सचिव रह चुके हैं.

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5. वरिष्ठ नौकरशाह आशीष जोशी ने एंटी करप्शन शाखा के चीफ एमके मीना को लिखकर राजेंद्र कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.

6. आशीष जोशी दिल्ली डॉयलाग कमिशन के पूर्व सदस्य है. उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा नियुक्त किए एसीबी चीफ मीणा से कुमार के खिलाफ जांच की मांग की थी जब कुमार स्वास्थ्य, शिक्षा और आईटी विभाग में रहे थे.

7. जोशी ने अपनी शिकायत में कहा है कि मई 2002 से लेकर फरवरी 2005 तक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर कुमार ने कई कंपनियों की स्थापना की और उन्हें बिना टेंडर के काम दिया था जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ. कुमार पर यह भी आरोप है कि उन्होंने आईटी में सचिव बनने के बाद और स्वास्थ्य विभाग में कमिश्नर रहते हुए पद का दुरुपयोग किया.

8. कुमार पर आरोप है कि उन्होंने कुछ व्यक्तियों के साथ मिलकर विज एंडेवरस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड बनाई. 2007 में दिल्ली सरकार के सचिव के पद पर रहते हुए अपनी इस कंपनी को पीएसयू के पैनल में शामिल कराया जो बिना टेंडर निकाले काम कर सकती थी.

सीबीआई ने कहा है कि अदालत से सर्च वारंट लेकर कुमार के अलावा छह अन्य लोगों के खिलाफ मंगलवार को 14 जगहों पर छापा मारा गया है. मामला 2007 से 2014 के बीच दिल्ली सरकार के ठेके एक खास कंपनी को देने से जुड़ा है. सीबीआई ने दावा किया है कि सीएम केजरीवाल के ऑफिस की तलाशी नहीं ली गई है.

First published: 16 December 2015, 17:33 IST
 
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