Home » इंडिया » 84th Plenary Session Congress: Chidambaram said, why do not the RBI official Tirupati go, they do sharp counting from you
 

चिदंबरम बोले- RBI अधिकारी तिरुपति क्यों नहीं जाते, वे आपसे तेज काउंटिंग करते हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 March 2018, 13:49 IST

कांग्रेस पार्टी के 84वें महाधिवेशन को सम्बोधित करते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश में आर्थिक विकास का वर्तमान फेज 1990 के दशक में शुरू हुआ था. जब राजीव गांधी ने उदारीकरण के बीज बो दिए थे. इसने मनमोहन सिंह के दौर में गति प्राप्त की.

 

चिदंबरम ने कहा ''मैं आरबीआई के अधिकारियों को बताऊंगा कि आप तिरुपति में हुंडी कलेक्टर क्यों नहीं जाते हैं? वे आपकी तुलना में तेजी से पैसे की गिनती करते हैं.

 

चिदंबरम ने यह भी कहा कि यह डॉ. मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उन्होंने 14 करोड़ लोगों को गरीबी की सूची से बाहर किया, जबकि भाजपा सरकार ने लोगों को गरीबी में धकेल दिया. चिदंबरम बोले, गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की संख्या बढ़ गई है. भाजपा सरकार ने भारत के लोगों के साथ यह सबसे बड़ा अन्याय किया है.

इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से बड़े-बड़े वादे किये थे, लेकिन वो उन्हें पूरे नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन वह 2 लाख नौकरियां भी नहीं दे पाए.

तिरुपति का जिक्र क्यों किया 

कुछ दिन पहले खबर आयी थी कि आंध्र प्रदेश के तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में अधिकारियों ने खुलासा किया कि मंदिर में वर्तमान में 25 करोड़ रुपये मूल्य की मुद्रा 500 आउट 1000 के नोटों के रूप में मौजूद है. अधिकारियों ने इन नोटों को बदलवाने के लिए अब भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र लिखा है.

अधिकारियों का कहना था कि लाखों भक्तों ने हुंडी (दानपात्र) में मनोकामना पूरी करने के लिए 1000 रुपये और 500 रुपये के नोट डाले थे. ये नोट 8 नवंबर 2016 को केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी लागू किये जाने के कुछ महीनों बाद के हैं.

First published: 18 March 2018, 13:46 IST
 
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