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पोस्टर से सामने आया बीजेपी का दलित विरोधी चेहरा, इलाहाबाद में केस दर्ज

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 July 2016, 12:02 IST
(राजस्थान पत्रिका)

दयाशंकर सिंह के विवादित बयान के बाद पोस्टर के रूप में बीजेपी का एक और दलित विरोधी चेहरा सामने आया है. इलाहाबाद में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए. 

इसके बाद बीएसपी नेताओं और कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा. पार्टी के कुछ विधायक और कार्यकर्ताओं ने विवादित पोस्टर लगने के करीब एक घंटे बाद सिविल लाइन थाने में छात्रनेता अनुराग शुक्ला के खिलाफ केस दर्ज कराया है. 

इससे पहले बीजेपी से निकाले गए नेता दयाशंकर सिंह ने बसपा अध्यक्ष को अपशब्द कहे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. जाहिर है इलाहाबाद में लगे इस पोस्टर ने एक बार फिर बीजेपी को दलितों के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा कर दिया है.  

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पहले हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी इसके बाद गुजरात के ऊना में दलित युवकों की पिटाई और फिर मायावती के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल, यह सारे मामले बीजेपी के लिए अभी गले की हड्डी बने हुए हैं.  ऐसे में इलाहाबाद का यह आपत्तिजनक पोस्टर एक बार फिर बीजेपी को बेनकाब करता दिख रहा है.

क्या है पोस्टर विवाद?

मंगलवार को इलाहाबाद में एक विवादित पोस्टर लगाया गया था. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रनेता और आरक्षण मुक्त महासंग्राम के संयोजक अनुराग शुक्ला और सहयोजक संजय कुमार सोनकर ने यह पोस्टर जारी किया था. 

पोस्टर में यूपी की पूर्व सीएम मायावती को शूर्पणखा, पूर्व बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह को लक्ष्मण, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को राम और बसपा छोड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य को विभीषण के रूप में दिखाया गया है. 

इसके अलावा मायावती के खिलाफ मुखर रहीं दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह को पोस्टर में दुर्गा, जबकि बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को मारीच के रूप में दिखाया गया है. पोस्टर के लगते ही इलाहाबाद के सुभाष चौराहे पर लोगों की भीड़ जुट गई. 

कुछ ही मिनटों में यह विवादित पोस्टर व्हाट्स एप पर वायरल हो गया. पोस्टर की जानकारी जब बीएसपी के करछना विधायक दीपक पटेल, आसिफ जाफरी और अशोक गौतम समेत कई नेताओं को हुई, तो सिविल लाइन थाने में अनुराग शुक्ल और संजय कुमार सोनकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई. इस दौरान इलाहाबाद पश्चिमी सीट से विधायक पूजा पाल भी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची.  

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जहां बीजेपी स्वाति सिंह के बहाने क्षत्रिय वोटबैंक पर निशाना साधने की कवायद में जुटी है, वहीं इस विवादित पोस्टर के सामने आने के बाद पार्टी के कथित दलित प्रेम, समरसता भोज और धम्म यात्रा जैसी कवायद पर सवाल उठ रहे हैं. 

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First published: 27 July 2016, 12:02 IST
 
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