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10 महीने की तैयारी की कलई खुली: 9 दिन में 6 बदलाव

चारू कार्तिकेय | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
QUICK PILL
  • 8 नवंबर की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई शर्तों के साथ नोटबंदी का ऐलान कर दिया. मगर तबसे लेकर आज तक मोदी सरकार इस योजना में छह बदलाव की घोषणा कर चुकी है.
  • सरकार दावा कर रही है कि यह सभी बदलाव आम लोगों का काम आसान बनाने के लिए किए गए हैं लेकिन ऐसी सुधारवादी कोशिशों के चलते उथल-पुथल मची हुई है.

पीएम मोदी ने विमुद्रीकरण की मूल दिक्कतों को समझे बगैर आनन-फानन में इस योजना का 8 नवंबर की रात ऐलान कर दिया. फिर इसकी वजह से देशभर में फैली बदमज़गी देखने के बाद एक के बाद एक बदलाव हर दिन किए जा रहे हैं जिससे इस योजना के प्रभावों के आकलन में हुई चूक को साफ़ कर दिया है.  

एक ओर प्रधानमंत्री का कहना है कि वे पिछले 10 माह से इस योजना पर काम कर रहे थे और सभी संभावित कठिनाइयों और जटिलताओं को समझते हुए इसे अमल में लाया गया है. मगर सच तो यही है कि नोटबंदी की वजह से अभी देशभर में मची हाहाकार का अंदेशा सरकार को नहीं था. पीएम मोदी ने 8 नवंबर को पहली घोषणा की. तबसे लेकर अब तक 11, 13, 14, 15 और 17 नवंबर को इसमें छह हेर-फेर किए जा चुके हैं. 

8 नवंबर: महा एलान

  • पांच सौ और हजार रुपए के सभी नोट अवैध करार.
  • पांच सौ और दो हजार के नए नोट शीघ्र.
  • पांच सौ और हजार के पुराने नोट 30 दिसंबर तक जमा होंगे.
  • पंद्रह दिन तक बैंकों से केवल 4,000 रुपए तक बदलने की अनुमति.
  • एक खाते से पंद्रह दिन तक सप्ताह में 10,000 रुपए तक की निकासी.
  • नकदी निकासी की सीमा एक हफ्ते में कुल 20,000 तक सीमित. 
  • एटीएम से रोजाना प्रति कार्ड 2,000 रुपए तक निकासी. 
  • एटीएम की सीमा 19 नवंबर से रोजाना प्रति कार्ड 4,000 रुपए तक बढ़ाई जाएगी. 
  • पुराने नोट जमा करने की कोई सीमा नहीं. 
  • केवाईसी से वंचित खातों में केवल 50,000 रुपए तक जमा.

सरकारी अस्पतालों, फार्मेसी, रेल, बस व हवाई यात्रा काउंटरों, सहकारी उपभोक्ता सोसायटियों, डेयरी बूथ, श्मशान और कब्रिस्तानों, पेट्रोल, डीजल व गैस आपूर्ति करने वाली जन उपयोगी एजेंसियों, अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर पुराने नोट लिए जाएंगे. हवाई अड्डों पर विदेशी मुद्रा का विनिमय होगा.

11 नवंबर: बदलाव का पहला चरण

सरकार ने शीघ्र ही महसूस किया कि अपने आकलन में उसने टोल नाकों को नहीं जोड़ा था. इनसे देश भर में रोजाना वाहनों की असंख्य आवाजाही बनी रहती है. इसलिए टोल नाकों पर भी तुरंत छूट का प्रावधान किया गया. 10 नवंबर को पूरे देश को टोल फ्री कर दिया गया और अगले दिन 11 नवंबर को कई बदलाव हुए. 

  • सभी राहतें व छूट तब्दीलियों और विस्तार सहित 14 नवंबर तक बढ़ी. 
  • कोर्ट फीस भी माफी में शामिल.
  • उपभोक्ता सहकारी भंडारों में पहचान पत्र अनिवार्य.
  • जन उपयोगी सेवाओं के अग्रिम भुगतान न करने की अनुमति.
  • राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अलग घोषणा के बाद से टोल नाकों पर भुगतान की छूट हटी.

13 नवंबर: एटीएम ठप

सरकारी घोषणा के तहत दो दिन 9 और 10 नवंबर को एटीएम बंद रखे गए. आशय यह था कि 11 तारीख़ को जब एटीएम खुले तो वह ढंग से काम करे मगर आज की तारीख तक देश भर के अधिकांश एटीएम नकारा पड़े हैं. तभी यह खबरें भी मिलने लगी कि चालू एटीएम से नकदी नहीं निकल रही क्योंकि नए नोट पुराने नोटों की साइज से अलग हैं. वित्त मंत्री अरूण जेटली ने प्रेस कांफ्रेंस में माना कि एटीएम को नई मुद्रा के हिसाब से इसमें बदलाव किया जाएगा. इसमें दो से तीन हफ्ते का समय लगेगा. योजना की गोपनीयता के लिए यह काम पहले नहीं किया जा सका.

  • बैंक से नोट बदलने की सीमा 4000 से बढ़ाकर 4500 रुपए.
  • एटीएम से नकदी निकासी की सीमा 2000 से बढ़ाकर 2500 रूपए.
  • बैंक से 10000 रुपए निकासी की सीमा हटी.
  • निकासी की साप्ताहिक सीमा 20000 से बढ़ाकर 24000 रुपए.
  • पेंशनरों के लिए हर साल नवंबर में अनिवार्य जीवितता प्रमाण पत्र की मियाद 15 जनवरी  2017 तक बढ़ी.

14 नवंबर: पहले तीन-चार सप्ताह, अब 50 दिन!

पूरी योजना को अमल में लाने के लिए ज़रूरी तैयारियों के अलावा सही-सही अवधि भी तय नहीं हुई. जेटली पहले ही कह चुके हैं कि एटीएम को नए नोटों के मुताबिक ढालने में 3-4 सप्ताह का समय लगेगा. उधर गोवा में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से 50 दिन की मोहलत मांगी. इसके अलावा भी कुछ बदलाव हुए. 

  • कुछ तरह के लेन-देन में पुराने नोट लेने की छूट 24 नवंबर तक बढ़ी.
  • ग्रामीण इलाकों में व्यावसायिक प्रतिनिधियों के नकदी रखने की सीमा 50,000 तक.
  • एटीएम को नए नोटों के मुताबिक अपडेट करने के लिए कार्य बल का गठन.
  • अन्यत्र ले जाए जा सकने वाले छोटे एटीएम चलाने की तैयारी.
  • सभी बैंकों की शाखाएं तीन अलग-अलग कतारें लगाएं.

15 नवंबर: अब स्याही चलेगी

यह दिन चौंकाने वाली घोषणाओं का रहा. बैंकों के आगे लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं और सरकार कहती है कि इसकी खास वजह एक ही व्यक्ति का बार-बार अन्य शाखाओं और एटीएम आदि की कतार में लग कर रुपए बदलवाना है. कुछ अवांछनीय तत्व अपने कालेधन को वैध कराने के लिए गरीबों और मासूम लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं. तो क्या स्याही इस समस्या का समाधान है?

सरकार ने बैंक में पांच सौ और हजार का नोट बदलाने वालों की उंगली पर वोट के समय काम आने वाली स्याही लगाने का एलान कर दिया. एक और अजीब घोषणा में बैंकों से कहा जा रहा है कि दान या चढ़ावे में मिलने वाली छोटी मुद्रा के लिए वे मंदिरों से संपर्क करें.

17 नवंबर: अदला-बदली की सीमा घटी

काउंटर से पुराने नोटों की अदला-बदली की सीमा 4000 रुपए से 4500 रुपए करने के चार दिन बाद ही सरकार ने 17 नवंबर को इसे सिर्फ 2000 रुपए तक सीमित कर दिया. इसका तथाकथित कारण एक ही व्यक्ति का दोबारा कतार में लगना बताया गया है जिससे अन्य जरूरतमंद लोग नोट नहीं बदल पाते. हालांकि इसके पीछे असल वजह यह मानी जा रही है कि सरकार के पास लोगों की मांग के मुताबिक पर्याप्त नए नोट नहीं हैं. कुछ अन्य कदम इसी दिन उठाए गए. मसलन

  • किसान प्रति सप्ताह 25,000 रुपए नकदी ले सकते हैं.
  • लाइसेंसधारक व्यापारी प्रति सप्ताह 50,000 रूपए ले सकते हैं.
  • फसल बीमा की किस्त का भुगतान 15 दिन बाद होगा.
  • शादी वाले परिवारों में एक खाते से ढाई लाख रुपए तक निकाल सकेंगे. 
  • केन्द्र सरकार के समूह 'सी' तक के कर्मचारी, रक्षा और अर्ध सैन्य बलों, रेलवे और केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कार्मिक अपने वेतन से 10,000 रुपए तक नकद अग्रिम निकाल सकेंगे. 

मूल प्रावधानों में बार-बार हो रहे संशोधनों से यह साबित हो गया है कि यह कार्रवाई सुनियोजित ढंग से लागू नहीं हुई. मौके से मिल रही खबरों और रिपोर्टों को देखते हुए सरकार हर दूसरे दिन अपनी नीतियां बदलने को मजबूर हो रही है. इस स्थिति में बसपा प्रमुख मायावती का राज्यसभा में सरकार का यह कहकर मजाक उड़ाना लाजिमी है कि अगर इस योजना पर 10 माह से काम चल रहा था तो उसे 50 दिन और क्यों चाहिए?

First published: 19 November 2016, 7:39 IST
 
चारू कार्तिकेय @charukeya

असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़, राजनीतिक पत्रकारिता में एक दशक लंबा अनुभव. इस दौरान छह साल तक लोकसभा टीवी के लिए संसद और सांसदों को कवर किया. दूरदर्शन में तीन साल तक बतौर एंकर काम किया.

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