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संसद का शीतकालीन सत्र : 6 विधेयक जिन पर रहेगी नजर

शौर्ज्य भौमिक | Updated on: 26 November 2015, 9:00 IST
QUICK PILL
  • बीते सत्र में सदन में पेश किए गए भूमि अधिग्रहण, जीएसटी, उपभोक्ता, लोकपाल, रियल इस्टेट जैसे कई विधेयक इस सत्र में पारित होने हैं. 
  • बिहार चुनाव के बाद जोश में आया विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में. सरकार कुछ विधेयकों पर चाहती है विपक्ष का साथ. 

भारतीय जनता पार्टी के लिए बिहार चुनाव उल्टा पड़ गया. पार्टी के रणनीतिकार अभी हार के कारणों की व्याख्या कर पाते इससे पहले ही केंद्र सरकार ने अपने पैर सिकोड़ लिए.

26 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. 23 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र के दौरान अपने एजेंडे को ठीक से लागू करवाने के लिए सरकार के फ्लोर मैनेजरों को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी.

भाजपा के पास लोकसभा में बहुमत है लेकिन राज्य सभा में पार्टी की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है. बिहार चुनाव के नतीजों ने मरणासन्न विपक्ष में जान फूंक दी है. अब वो मोदी सरकार को हर कदम पर घेरने की तैयारी कर चुका है. इसलिए इस सत्र में सरकार का काफी कुछ दांव पर है.

पीआरएस इंडिया के मुताबिक मानसून सत्र में पर्याप्त कामकाज न होने की वजह से कई विधेयक लंबित पड़े हुए हैं. बीते सत्र का सर्वाधिक वक्त "गैर विधायी" मामलों पर चर्चा में बीता था. 

मानसून सत्र में लोक सभा की उत्पादकता 48 फीसदी रही, जबकि राज्य सभा में इसका स्तर चिंतानजर रूप से नौ फीसदी ही रहा.

क्या सरकार ने मानसून सत्र से कुछ सीखा? ऐसा लगता तो नहीं है. हाल के दिनों में संसदीय कार्य मंत्रालय तब टकराव के मूड में दिखा जब उसने कहा, "बिहार के जनादेश की व्याख्या इस रूप में करना कि वह संसद न चलने देने की गारंटी है, दरअसल देश की जनता की समझ पर सवाल खड़े करना हैै."

उम्मीद है कि सही सोच आगे बढ़ेगी और संसद में जरूरी कामकाज होगा. आइए देखते हैं इस सत्र में किन किन विधेयकों पर रहेगी नजर-

उपभोक्ता संरक्षण विधेयक

  • 10 अगस्त को यह विधेयक पेश किया गया.
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के स्थान पर इसे लाने का विचार है.
  • इसमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों, टेलीशॉपिंग और मल्टीलेवल मार्केटिंग के माध्यम से ऑफलाइन लेनदेन का प्रस्ताव शामिल है.
  • उपभोक्ता अधिकारों के दायरे का विस्तारः खतरनाक माल के विपणन के खिलाफ संरक्षण, उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा और शुद्धता संबंधी जानकारी, प्रतिस्पर्धी कीमतों पर विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता.
  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण स्थापना की योजना. संयुक्त उपभोक्ता मध्यस्थता सेल के जरिये जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग.
  • नियमों के पालन में कोताही बरतने पर 10 से 50 हजार रुपये का जुर्माना या 1-3 माह की कैद.
  • लोकसभा में विधेयक पेश हो चुका है.

व्हिसलब्लोअर सुरक्षा (संशोधन) विधेयक

  • 11 मई को पेश किया गया
  • इसके जरिये व्हिसलब्लोअर सुरक्षा अधिनियम, 2014 में संशोधन प्रस्तावित है.
  • 10 क्षेत्रों में भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग को निषेध करनाः इनमें आर्थिक, वैज्ञानिक और भारत की सुरक्षा, कैबिनेट मिनट्स, अदालत द्वारा निषिद्ध, तीसरे पक्ष को नुकसान पहुंचाने वाले व्यापार और बौद्धिक संपदा, विदेश सरकार से प्राप्त, किसी व्यक्ति की सुरक्षा पर खतरा, किसी जांच को प्रभावित करने वाले और वैयक्तिक मुद्दे शामिल हैं. 
  • इन वर्गों के अंतर्गत किए गए खुलासे सरकारी अधिकारियों के पास जाएंगे. जिनका निर्णय अंतिम होगा. 
  • विधेयक राज्य सभा में लंबित है. 

भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार (द्वितीय संशोधन) कानून

  • 11 मई को पेश किया गया.
  • परियोजना के पांच वर्गों को तीन आवश्यकताओं से छूट दी गई. इनमें सामाजिक प्रभाव आकलन, बहु फसली भूमि के अधिग्रहण पर प्रतिबंध, निजी और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप परियोजनाओं के लिए सहमति शामिल है. 
  • संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने सहमति खंड को हटाने के लिए राज्यों के विचारों को ध्यान में रखते हुए बदलने को कहा. 
  • जेपीसी ने इसकी अंतिम तिथि को शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक बढ़ाया. 

संविधान (122वां संशोधन) विधेयक, (वस्तु एवं सेवा कर)

  • वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए संविधान में संशोधनः यह माल और सेवाओं के निर्माण, बिक्री और खपत पर लगने वाला टैक्स है.
  • यह बिल संसद और राज्य विधानसभाओं को जीएसटी कानून बनाने की एक साथ शक्ति प्रदान करता है. लेकिन केवल केंद्र ही अंतर राज्य माल, सेवा आपूर्ति और आयात पर जीएसटी लागू कर सकता है.
  • जीएसटी परिषद जिसमें वित्त मंत्री, वित्त एवं राजस्व राज्य मंत्री और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं, कर दरों, अतिरिक्त कर की अवधि और राज्यों के लिए विशेष प्रावधान तय करेगी. 
  • जीएसटी से शराब को छूट दी गई है जबकि पांच पेट्रोलियम उत्पादों पर बाद में विचार किया जाएगा.
  • राजस्व नुकसान के लिए राज्यों को पांच साल तक मुआवजा दिया जाएगा.
  • लोक सभा में 6 मई को पारित हो गया, राज्य सभा में पारित होना बाकी. 

लोकपाल और लोकायुक्त एवं अन्य संबंधित कानून (संशोधन) विधेयक, 2014

  • 18 दिसंबर को पेश किया गया.
  • पहले इस विधेयक में लोकपाल की नियुक्ति के लिए विपक्षी दल के नेता समेत एक चयन समिति को मंजूरी दी गई थी. विधेयक में यह कहकर संशोधन किया गया कि सबसे बड़ी एकल विपक्ष पार्टी के नेता को चयन समिति में शामिल किया जाएगा. 
  • इसी तरह, विधेयक में एक प्रख्यात कानूनविद को समिति का एक हिस्सा बताया गया था लेकिन अब विधेयक में इसे तीन वर्ष के लिए नामित कर दिया गया.
  • स्टैंडिंग कमेटी ऑफ पर्सोनल, पब्लिक ग्रीवांसेज एंड पेंशंस के पास भेजा गया.
  • 12 अगस्त को पेश किया गया
  • किशोर न्याय अधिनियम 2000 को बदलने का उद्देश्य
  • जघन्य अपराधों के लिए 16 से 18 वर्ष के किशोरों को वयस्क श्रेणी में रखने की कोशिश.
  • हर जिले में किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) और बाल कल्याण समिति को गठित किया जाना. जेजेबी को प्रारंभिक जांच कर यह पता लगाना कि क्या किशोर को वयस्क के रूप में शामिल करने की कोशिश  की जा रही है. 

रियल इस्टेट (विनियमन एवं विकास) विधेयक, 2013

  • 14 अगस्त को पेश किया गया.
  • रियल इस्टेट परियोजनाओं के प्रमोटरों और खरीदारों के बीच लेनदेने के लिए राज्य स्तरीय रियल इस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) की स्थापना.
  • किसी भी रियल इस्टेट परियोजना की बिक्री के लिए रेरा का पंजीकरण अनिवार्य किया जाना.
  • रेरा की वेबसाइट पर परियोजना विवरण (साइट, लेआउट, पूर्णता तिथि आदि) को अपलोड किया जाना.
  • खरीद मूल्य की 70 फीसदी रकम को अलग बैंक खाते में रखा जाए. जिसे परियोजना निर्माण में खर्च किया जाए. केवल राज्य के पास इस राशि को परिवर्तित करने का अधिकार.
  • राज्य स्तरीय रियल इस्टेट अपीलीय न्यायाधिकरण (पंचाट) स्थापित किया जाना.
  • राज्य सभा में पेश किया गया. 

क्या यह सभी विधेयक विवेचना के बाद तार्किक निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे? या हम एक और सत्र बर्बाद कर देंगे? राजधानी के राजनीतिक माहौल को देखते हुए इसके बर्बाद होने की संभावना ज्यादा दिखती है.

First published: 26 November 2015, 9:00 IST
 
शौर्ज्य भौमिक @sourjyabhowmick

संवाददाता, कैच न्यूज़, डेटा माइनिंग से प्यार. हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडियास्पेंड में काम कर चुके हैं.

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