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वीडियो: जानिए कितनी लंबी और समृद्ध हो चुकी है जूतेबाजी की परंपरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST

राहुल गांधी के रोडशो के दौरान एक युवक ने उनके ऊपर जूता फेंक दिया. राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के सीतापुर में अपनी किसान यात्रा के अगले चरण के तहत वहां पहुंचे थे. इसी दौरान उन पर जूता फेंकने की कोशिश हुई.

कांग्रेस उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश में किसान यात्रा निकाल रहे हैं. खाट सभा के जरिए इसकी शुरुआत देवरिया से हुई थी. आज राहुल गांधी सीतापुर जिले में हैं. जब उनका काफिला रोड शो करते हुए शहर से गुजर रहा था, इसी दौरान राहुल पर जूता फेंका गया.

राहुल गांधी से पहले भी तमाम नेताओं के ऊपर जूता फेंका जा चुका है. इसकी सबसे लोकप्रिय मिसाल अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश थे जिनके ऊपर एक ईराकी पत्रकार मुंतज़िर अल ज़ैदी ने जूता फेंका था. इसके बाद भारत में भी इस तरह की तमाम घटनाएं हुई. यूपीए सरकार के दौरान वित्त और गृहमंत्री रहे पी चिदबंरम के ऊपर पत्रकार जरनैल सिंह ने जूता उछाला था.

तब से अबतक अनगिनत जूते नेताओं की ओर उछल चुके हैं. हालांकि विरोध की इस परिपाटी को किसी लिहाज से सही नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन नेताओं में इसे लेकर एक भय का वातावरण भी पैदा हो गया है. हाल ही में हमने देखा कि अमित शाह की सूरत शहर में एक रैली के दौरान मंचस्थल को लोहे की ऊंची जालियों से घेर दिया गया था. आयोजकों ने अनधिकारिक रूप से स्वीकारा था कि उन्हें जूता फेंकने की संभावना थी.

यहां एक वीडियो के जरिए उन तमाम जूतेबाजी की घटनाओं को पुन: पाठकों के सामने रखा जा रहा है.

First published: 26 September 2016, 6:41 IST
 
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