Home » इंडिया » A year of anti-graft steps, but has AAP succeeded in bringing down corruption?
 

क्या एक साल में आई दिल्ली में भ्रष्टाचार में कमी?

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2016, 8:17 IST
QUICK PILL
  • पिछले साल सत्ता में आने के बाद आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली से भ्रष्टाचार को मिटाने का वादा किया था.
  • आप की वेबसाइट पर वैसे कई फैसलों और कार्रवाइयों का जिक्र किया गया है जिसे सरकार ने भ्रष्टाचार कम करने की दिशा में की गई कार्रवाई बताकर अपनी पीठ थपथपाई है.

पिछले साल जब 14 फरवरी को अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली त उन्होंने अनेक वादे किए. सबसे बड़ा वादा दिल्ली से भ्रष्टाचार मिटाने का था. केजरीवाल ने कहा था, 'अगर कोई आपसे घूस मांगता है तो आप उसे मना मत कीजिए. उनसे सेटिंग कर लेना और हमारे दिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना.' 

सत्ता में आने के तुरंत बाद केजरीवाल ने एक दूसरा विचार सामने रखा. उन्होंने कहा कि लोगों को भ्रष्ट अधिकारियों का स्टिंग ऑपरेशन करना चाहिए. तब कई लोगों को आश्चर्य हुआ कि क्या केजरीवाल सतर्क नागरिकों की एक ब्रिगेड तैयार कर रहे हैं या फिर वह निगरानी की खतरनाक व्यवस्था को प्रोत्साहन दे रहे हैं.

आप की वेबसाइट में इन उपलब्धियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सबूत के तौर पर पेश किया जा रहा है. 

तीन वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, के के गोस्वामी (लैंड एंड बिल्डिंग डिविजन में डिप्टी सेक्रेटरी), किरण तनेजा (एमसीडी) और एमसीडी के ही एक अन्य अधिकारी जे एल कथूरिया को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

चीफ वाटर एनालिस्ट विनोद कुमार, मीटर रीडर अतुल और पटरवारी सुनील को कैमरा के सामने घूस लेते हुए पकड़ा गया है और फिर उन्हें अगले 30 मिनट के भीतर निलंबित कर दिया गया. यह स्टिंग आज तक पर चला था.

  • आप की सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के 3 अधिकारियों को निलंबित कर 800 का तबादला किया.
  • भ्रष्टाचार से निपटने के लिए सॉफ्टवेयर बनाया गया.
  • बाबुओं के लिए बायोमीट्रिक व्यवस्था बनाई गई.
  • अरविंद केजरीवाल ने 40 अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ काम पर लगाया और इसमें कुछ पुलिस विभाग के कर्मचारी हैं.
  • एंटी करप्शन हेल्पलाइन की शुरुआत की गई.
  • आप के विधायक सोमनाथ भारती ने पब्लिक यूटिलिटी शिकायतों की सुनवाई के लिए वेबसाइट आपकनेक्ट डॉटकॉम की शुरुआत की.
  • केजरीवाल सरकार ने जनलोकपाल बिल को विधानसभा में पेश किया जिसका कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने विरोध किया.
  • उगाही के मामले में दो कॉन्सेटबल को गिरफ्तान किया गया. यह काम आप के एंटी करप्शन हेल्पलाइन की मदद से किया गया.
  • नया एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 1031 है और इस पर 36 घंटों के भीतर 23,000 लोगों ने कॉल किया. इस आधार पर एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई.
  • केजरीवाल ने दिल्ली बस रैपिड ट्रांजिट ऑपरेटर के खिलाफ सीएजी ऑडिट का फैसला लिया.
  • मुकेश अंबानी और वीरप्पा मोइली के खिलाफ गैस की कीमत के मामले में मुकदमा किया गया.

हालांकि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने के मामले में खासी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. पिछले साल सितंबर महीने में दिल्ली सरकार ने एक आरटीआई के जवाब में बताया कि शीला दीक्षित के खिलाफ केवल एक शिकायत मिली है.

वहीं आप ने दिल्ली के निजी स्कूलों में नेताओं और कारोबारियों के बीच के सांठ-गांठ को खत्म करने की कोशिशों के तहत सभी तरह के कोटा सिस्टम को खत्म कर दिया. हालांकि इसमें आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए छूट को जारी रखा गया.

सरकार ले डीडीसीए घोटाले में भी जांच की शुरुआत की और इसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली की भूमिका को लेकर सवाल उठाए. डीडीसीए की कमान करीब दशक भर तक जेटली के हाथों में रही है.

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज का एक सर्वे दिल्ली में भ्रष्टाचार को लेकर बदलते छवि पर प्रकाश डालता है. रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली के लोगों को लगता है कि पीडीएस सिस्टम, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में भ्रष्टाचार में कमी आई है और इसकी हालत केंद्र सरकार के तहत आने वाले निकायों से बेहतर है.

वास्तव में सीएमएस ने पाया कि दिल्ली पुलिस में पर्याप्त भ्रष्टाचार है और केजरीवाल इस मामले को लगातार उठाते भी रहे हैं. केजरीवाल इस बयान का सहारा लेकर पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन लाए जाने की वकालत करते रहे हैं.

पुलिस, रेलवे और एलपीजी जैसी सेवाएं केंद्र सरकार के तहत आती हैं जबकि अन्य मामले नगर निगम की जिम्मेदारी में आते हैं. सेवाओं और विभागों के क्षेत्राधिका को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार में लगातार विवाद होता रहा है. हाल ही में दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच एमसीडी कर्मचारियों के सैलरी को लेकर विवाद गरमाया हुआ है. ऐसे में विभागों की कमान को लेकर स्थिति साफ होने के बाद सरकार को भ्रष्टाचार से निपटने में मदद मिलेगी. 

पिछला साल आप और केंद्र सरकार के बीच विवादों का रहा है ऐसे में केजरीवाल की पार्टी को वैसे समग्र तरीके की तलाश करनी होगी जिससे भ्रष्टाचार के मामलों में कमी लाई जा सके. 

First published: 7 February 2016, 8:17 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी