Home » इंडिया » aadhaar controversy-UIDAI says in SC many faults in aadhaar and need to find out its option
 

UIDAI के सीईओ ने कहा- आधार में कई खामियां, इसका विकल्प तैयार करना जरूरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 March 2018, 20:08 IST

आधार कार्ड को अनिवार्य करने को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई. इस दौरान UIDAI के सीईओ ने कोर्ट में कहा है आधार की व्यवस्था में कुछ कमियां है. इससे 100 फीसदी सफल ऑथेंटिकेशन संभव नहीं है. इसके लिए जरूरी है कि एक अन्य विकल्प की व्यवस्था की जाए.

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, UIDAI सीईओ अजय भूषण पांडे ने कोर्ट में कहा कि बायोमैट्र‍िक ऑथेंटिकेशन से किसी भी व्यक्ति की 100 फीसदी सफल ऑथेंटिकेशन संभव नहीं है. इसके लिए एक अन्य विकल्प तैयार करने की जरूरत है. अजय भूषण पांडे ने कहा कि हमने बायोमैट्र‍िक ऑथेंटिकेशन के अलावा एक अन्य विकल्प तैयार करने के लिए सरकार को कई बार कहा है, ताकि आधार ऑथेंटिकेशन को सरल बनाया जाए.

 

 

उन्होंने कहा कि कई बार मशीन या इंटरनेट में खराबी होने के चलते आधार बायोमैट्र‍िक्स मैच नहीं करता है. इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. मशीन या इंटरनेट में कभी भी कोई भी खराबी हो सकती है. इसके लिए जरूरी है कि एक अन्य विकल्प तैयार किया जाए. पांडे ने कहा कि आधार की धारा ७ में ऐसी ही दिक्कतों से निपटने के लिए कहा गया है.

 

ये भी पढ़ें- ग्रेच्युटी विधेयक को मिली संसद की मंजूरी, 20 लाख तक नहीं देना होगा टैक्स

 

 

किसी को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से नहीं रोका जा सकता

 

UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा आधार नंबर नहीं होने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति को आवश्यक सुविधाओं का लाभ लेने से नहीं रोका जा सकता है. इसके लिए हमने कई बार सर्कुलर जारी कर कहा है कि आधार नंबर नहीं होने पर किसी भी जरूरी सुविधांओं का लाभ देने से मना नहीं किया जा सकता है.

आपको बता दें कि इससे पहले UIDAI ने एक बयान जारी कर कहा था कि किसी भी व्यक्ति के पास अगर आधार संख्या नहीं है तो उसको जरूरी सुविधाओं का लाभ लेने से मना नहीं किया जा सकता है. इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन मिलना, स्कूलों में एडमिशन और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने जैसी आवश्यक सेवाएं शामिल थीं. इसके साथ ही सरकारी विभागों और राज्य सरकारों से कहा गया था कि वो इस तरह की दिक्कतों से निपटने के लिए कदम उठाएं.

बायोमैट्र‍िक ऑथेंटिकेशन पर निर्भर नहीं रह सकते

पांडे ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बायोमैट्र‍िक ऑथेंटिकेशन पर १०० फीसदी निर्भर नहीं रहा जा सकता है. इसके लिए एक अन्य विकल्प तैयार करना होगा. पांडे ने कहा कि इसके लिए उन्होंने सरकार के मंत्रियों को कई बार कहा है.

First published: 22 March 2018, 20:08 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी