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आधार या निराधार: 18 जुलाई से शुरू होगी सुनवाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 July 2017, 16:48 IST
कैच न्यूज़

आधार अधिनियम की वैधता से संबंधित एक याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ सुनवाई करेगी, जो 18 जुलाई से शुरू होगी और दो दिन चलेगी. आधार अधिनियम की वैधता को चुनौती गोपनीयता के मुद्दे पर दी गई है और यह मुद्दा पिछले दो साल से अटका पड़ा है. सुप्रीम कोर्ट के पांच सदस्यों की बेंच इस बात पर फैसला करेगी कि गोपनीयता का अधिकार क्या मौलिक अधिकार है?

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस जगदीश सिंह खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने बुधवार को कहा कि पांच न्यायाधीशों की पीठ दो दिनों तक इस मामले की सुनवाई करेगी. वरिष्ठ वकील श्याम दीवान और अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की, जिस पर खेहर ने मामले की सुनवाई संविधान पीठ द्वारा किए जाने की बात कही.

गोपनीयता मौलिक अधिकार है या नहीं, इस पर आधार योजना की वैधता को लेकर सवाल अक्टूबर 2015 में संविधान पीठ के पास भेजा गया था. केंद्र सरकार ने एक जुलाई के बाद से पैन के लिए आवेदन करने वालों को आधार नंबर या नामांकन संख्या के बारे में जानकारी देना ज़रूरी कर दिया है.

केंद्र सरकार की कई योजनाओं का फायदा पाने के लिए भी आधार को ज़रूरी किया गया है. इसके अलावा बैंक में अकाउंट चलाने के लिए 31 दिसंबर 2017 तक आधार नंबर देना जरूरी है, नहीं तो खाते को चालू रखने में दिक्कत आ सकती है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि जिन लोगों के पास पैन कार्ड और आधार कार्ड दोनों हैं, उन्हें अपना आयकर रिटर्न भरते हुए यह बताना होगा. इसके साथ ही जिनके पास आधार कार्ड नहीं है और पैन कार्ड है उनका पैन मान्य माना जाएगा. ऐसे लोग IT रिटर्न भर सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था केंद्र सरकार को आधार कार्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे आधार के डाटा लीक ना हो सकें. अदालत ने साथ ही कहा था कि सरकार को पैन कार्ड के डुप्लीकेशन को रोकने के लिए भी काम करना चाहिए.

(IANS से मिले इनपुट के आधार पर)

First published: 12 July 2017, 16:19 IST
 
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