Home » इंडिया » aam aadmi party national executive members list
 

आप की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 'मिशन पंजाब' का असर

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2016, 15:15 IST

बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन हो गया है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित 30 लोगों का नाम शामिल हैं.

पार्टी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अधिकतम 30 लोग हो सकते हैं. इसमें सात महिलाएं और पांच छात्र नेता होने चाहिए.

पंजाब में लोकसभा की चार सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी ने अगले साल यहां होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नई कार्यकारिणी बनाई है.

aaplist.jpeg

जिसमें सांसद भगवंत मान, सांसद साधु सिंह, पंजाब के संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर, पंजाब महिला विंग की प्रधान बलजिंदर कौर और पार्टी के युवा विंग के अध्यक्ष हरजोत सिंह बैंस जैसे महत्वपूर्ण चेहरों को शामिल किया गया है.

इस बार महिलाओं में प्रीति शर्मा मेमन, आतिशी मारलेना, यामिनी गोमर, भावना गौड़, राखी बिड़लान, मीरा सान्याल और बलजिंदर कौर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिली है.

वहीं पांच राज्यों के संयोजकों को भी कार्यकारिणी में जगह दी गई है. इनमें आलोक अग्रवाल (मध्य प्रदेश), दिलीप पांडेय (दिल्ली), सुच्चा सिंह छोटेपुर (पंजाब), पृथ्वी रेड्डी (कर्नाटक) और राजन सुशांत (हिमाचल प्रदेश) शामिल हैं.

दिल्ली के 5 विधायकों को पहली बार कार्यकारिणी में जगह मिली है. इनमें इमरान हुसैन, राखी बिड़लान, अमानतुल्लाह खान, भावना गौड़ और राजेंद्र पाल गौतम शामिल हैं.

'हर राज्य में चुनाव नहीं लड़ेगी आप'

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जहां 100 में से 90 सीटें जीत सकते हैं वहीं पार्टी चुनाव लड़ेगी. लेकिन 100 में से 3 सीट जीतने के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे.

केजरीवाल ने साफ कहा कि सिर्फ लड़ने के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे. केजरीवाल ने कहा, "हमलोग चुनाव लड़ने नहीं आये, व्यवस्था परिवर्तन के लिए आये हैं."

पीएम मोदी पर निशाना


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार विकास की बात भूल गई है, ये गुंडागर्दी के दम पर 'भारत माता की जय' बुलवाना चाहते हैं.

केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के कामकाज से छात्र और किसान ही नहीं देश के चीफ जस्टिस भी दुखी हैं. ये सरकार चुनाव से पहले किए गए वादों को भुला चुकी है.

First published: 27 April 2016, 15:15 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी