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पंजाब यात्रा करके नुकसान की भरपायी करेंगे केजरीवाल

राजीव खन्ना | Updated on: 17 July 2016, 8:27 IST

सिखों की धार्मिक भावनाएं कथित रूप से आहत करने के मामले में शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस द्वारा पिछले पन्द्रह दिनों से अपनी पार्टी की आलोचनाओं के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छवि में सुधार के लिए 18 जुलाई को स्वर्ण मंदिर में जाकर सेवा करने का फैसला किया है.

पार्टी लोगों को यह बताने की कोशिश कर रही है कि केजरीवाल की प्रस्तावित स्वर्ण मंदिर यात्रा एक विनम्र सेवक के रूप में है जहां वह श्री हरमंदिर साहिब में सेवा करेंगे. 

दिल्ली से पंजाब में परचम लहराने की कोशिश में केजरीवाल

उन्होंने दिल्ली में कराए गए अपने कार्यों को आम आदमी तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान चला रखा है और इस तरह उनकी कोशिश है कि लोगों को यह बताया जा सके कि उनकी पार्टी विकास की पक्षधर है.

चूक पर चूक

पार्टी पंजाब में दो मुद्दों, युवाओं के लिए अपने चुनावी घोषणापत्र पर स्वर्ण मंदिर की तस्वीर का इस्तेमाल करने, इस पर अपने चुनाव चिन्ह झाडू़ की तस्वीर छापने तथा अपने नेता आशीष खेतान द्वारा आप के घोषणापत्र की तुलना कथित रूप से गुरुग्रंथ साहिब से करने को लेकर अकाली दल और कांग्रेस की आलोचनाओं का सामना कर रही है.

बात यहीं खत्म नहीं हुई, एक राष्ट्रीय पत्रिका ने केजरीवाल की फोटो निहंग की पोशाक के रूप में छाप दी, इससे भी पार्टी विरोधियों के निशाने पर आ गई है.

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आप नेताओं ने युवाओं के लिए अपने चुनावी घोषणापत्र पर उपजे विवाद पर माफी मांगने में देर नहीं लगाई. पार्टी ने नैतिकता के ऊंचे मानक स्थापित करने कोशिश की है. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य और उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का ने पहले ही स्वर्ण मंदिर में जाकर सेवा की है और केजरीवाल ने भी सेवा करने का निश्चय किया है.

इस बीच पार्टी यह भी कह रही है कि निहंग के रूप में केजरीवाल की तस्वीर के मामले में उसका कोई दोष नहीं है. आप सांसद और पंजाब में अभियान कमेटी के चेयरमैन भगवंत मान ने कहा है कि हर कोई यह जानता है कि यह फोटोशॉप तस्वीर है. इस अपराध पर हम क्या कर सकते हैं. ऐसी तस्वीर छापे जाने मुद्दे पर हम मैगजीन को शिकायत कर रहे हैं.

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केजरीवाल की प्रस्तावित स्वर्ण मंदिर यात्रा पर मान ने कहा कि केजरीवाल वहां जाकर सेवा करेंगे. उनकी इस यात्रा से न तो चुनावी अभियान का कोई लेना-देना है और न ही वह वहां अपना शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं.

कामकाज की चर्चा

केजरीवाल की यात्रा के मद्देनजर स्थानीय दैनिक अखबारों में दो फुल पेज के विज्ञापन छपवाए गए हैं जिसमें आप के कामकाज का उल्लेख है. विज्ञापन अन्य कई राज्यों के लिए भी जारी किए गए हैं. पंजाब में छपे विज्ञापनों से यही तथ्य झलकता है कि राज्य में अगले कुछ माह में चुनाव होने जा रहे हैं और आप सरकार बनाने की मुख्य दावेदार है.

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विज्ञापनों में आप सरकार की दिल्ली में उपलब्धियों को उकेरा गया है. पार्टी वर्तमान में यह दिखाने की कोशिश में है कि वह विकास करना चाहती है और आम आदमी की हिमायती है. विज्ञापनों में मोहल्ला क्लीनिक्स के बारे में बताया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में गरीबों और जरूरतमंदों को इससे काफी राहत मिली है और यह आश्वासन दिया है कि पार्टी पंजाब में भी ऐसे ही सेहत क्लीनिक्स खोलेगी.

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इन विज्ञापनों के जरिए पंजाबियों को जोड़ने की सीधी कोशिश की गई है. विज्ञापनों में यह भी लिखा गया है कि पिछले दिनों आप सरकार ने दिल्ली में बरापुला फ्लाईओवर का नामकरण सिख शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर सेतु किया है और किस तरह उनकी 300वीं पुण्यतिथि पर राजीव चौक स्थित सेन्ट्रल पार्क में भव्य लाइट एंड साउण्ड शो का आयोजन किया गया.

अकालियों ने भी महरौली में इस मौके पर बड़ा शो आयोजित किया. दोनों ही दलों में दिल्ली में पंजाबियों तक पहुंच बनाने की होड़ लगी है. पंजाबी समुदाय के लोग राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी संख्या में है और उनके पंजाब के मतदाताओं से व्यापारिक संबंध भी हैं.

दोतरफा खेल

आप सरकार के विज्ञापनों में केजरीवाल कैबिनेट द्वारा दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों में पंजाबी और उर्दू भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति करने के बारे में भी उल्लेख है. यह निर्णय दोनों भाषाओं को सिखाने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है. यह निर्णय हाल ही में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेन्ट कमेटी (डीएसजीएमसी) के उस आरोप के बाद लिया गया है जिसमें कहा गया था कि आप सरकार द्वारा पंजाबियों की अनदेखी की जा रही है.

जैसे ही इस निर्णय की घोषणा हुई, डीएसजीएमसी के नेताओं ने तुरंत कहा कि यह फैसला लेने के लिए उन्होंने दिल्ली सरकार पर दबाव बनाया था. यह ऐतिहासिक भाषाओं को बचाए रखने की दिशा में भी एक प्रभावी और महत्वपूर्ण तरीका है.

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आप के विज्ञापनों में विपक्षी दलों के उन आरोपों की पोल खोलने की कोशिश की गई है जिसमें आरोप लगाए गए थे कि दिल्ली सरकार न खुद को आगे बढ़ाने के लिए 526 करोड़ रुपए विज्ञापनों में खर्च कर दिए. विज्ञापन में कहा गया है कि पार्टी ने केवल 75 करोड़ रुपए खर्च किए हैं.

इसमें यह भी लिखा है कि दिल्ली सरकार के कुछ राजनीतिक विरोधियों द्वारा 2015-16 के बजट आवंटन और वास्तविक खर्च में भ्रामकता पैदा करके देश को गुमराह किया जा रहा है.

प्रचार मुख्य मुद्दा

इस बीच पार्टी को उसके विरोधियों द्वारा निशाने पर लिया जाना जारी रहा. पंजाब के मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल ने एक बार फिर कहा है कि दिल्ली की आप सरकार पूरी तरह असफल है. केजरीवाल अपना एक भी चुनावी वादा पूरा करने में विफल रहे हैं जो उन्होंने चुनाव के पहले किए थे.

उन्होंने पंजाब के पानी की अपने पड़ोसी राज्यों की हिस्सेदारी और सतलज-यमुना लिंक कैनाल (एसवाईएल) मुद्दे पर केजरावील की कड़ी आलोचना की है. बादल ने कहा है कि केजरीवाल के अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने एसवाईएल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दाखिल किया है, उससे उनकी पंजाब विरोधी मानसिकता जाहिर होती है.

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डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजीत सिंह ने तो केजरीवाल से यहां तक कह डाला कि वे अवकाश ले लें और उन विवादों पर विचार करें जो उनकी पंजाब यात्रा से उत्पन्न हुए हैं.

पंजाब में आप नेतृत्व उसके नेताओं की डेरा विजिट भी जारी रखे जाने मुद्दे पर विचार कर रहा है. राजनीति में धार्मिक भावना से भी कुछ मदद मिल जाती है. पार्टी इस मुद्दे पर भी उहापोह में है कि पंजाब के स्थानीय नेताओं को कम तरजीह दी जाए और राज्य में रोड शो करने के लिए राज्य के बाहर से कार्यकर्ताओं को लाया जाए.

First published: 17 July 2016, 8:27 IST
 
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