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पूर्व PM राजीव गांधी के 'भारत रत्न' की वापसी की मांग का किया विरोध तो केजरीवाल ने अलका लांबा से लिया इस्तीफा

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 December 2018, 9:48 IST
(File Photo)

दिल्ली विधानसभा में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 'भारत रत्न' की वापसी के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया. शुक्रवार को पारित किए गए इस प्रस्ताव में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग की गई है. इस प्रस्ताव को लाने का कारण 1984 के सिख-विरोधी दंगों को बताया जा रहा है. इस प्रस्ताव में सिख विरोधी दंगों को नरसंहार बताया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने मौखिक रूप से सदन में यह प्रस्ताव पेश किया. इसके बाद से ही आम आमदी पार्टी में घमासान शुरू हो गया है. इस प्रस्ताव का विरोध करने को लेकर आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा से दिल्ली के मुख्यमंत्री और 'आप' के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने इस्तीफा ले लिया है.

गौरतलब है कि जब सदन में राजीव गांधी से भारत रत्न की वापसी को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया तो आम आदमी पार्टी से विधायक अलका लांबा ने इसके विरोध में सदन से वॉक आउट कर दिया. अलका लांबा ने वॉक आउट करने के बाद कहा कि उन्हें ये प्रस्ताव मजूर नहीं है. वॉक आउट करने के परिणाम वो भुगतनी को तैयार हैं.

दिल्ली के चांदनी चौक से आम आदमी पार्टी विधायक ने कहा, "मेरे वॉक आउट के बाद मुख्यमंत्री ने मुझे मैसेज किया कि मैं अपना इस्तीफा दे दूं." विधायकी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, "मैंने पार्टी की टिकट पर चुनाव जीता है, पार्टी चाहती है तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं."

वहीं सदन में पारित हुए इस प्रस्ताव के विरोध में लांबा ने कहा, "राजीव गांधी ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं और विधानसभा में मैंने उनका भारत रत्न वापस लेने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया. पार्टी ने मुझसे इस्तीफा मांगा है क्योंकि मैं पार्टी के फैसले के खिलाफ खड़ी हुई."

आम आदमी पार्टी ने मारी पलटी
इस मामले में अब आमआदमी पार्टी ने यू-टर्न ले लिया है. आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मूल प्रस्ताव राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा नहीं था. साथ ही उन्होंने कहा कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापसी को लेकर जो हिस्सा प्रस्ताव में जोड़ा गया वह सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था. साथ ही उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "मूल प्रस्ताव में हमने 1984 के नरसंहार के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग की थी. राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा अमेंडमेंट सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था. सदन में मूल प्रस्ताव पास हुआ लेकिन भारती का प्रस्ताव पास नहीं किया गया."

इस मामले में भी अलका लांबा ने ट्वीट किया है, सौरभ की बात से उलट, राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने वाला हिस्सा भी प्रिंटेड ही है, हाथ से लिखा हुआ नहीं.

 

क्या था प्रस्ताव

शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया, ''दिल्ली सरकार को गृह मंत्रालय को कड़े शब्दों में यह लिख कर देना चाहिए कि राष्ट्रीय राजधानी के इतिहास के सर्वाधिक वीभत्स जनसंहार के पीड़ितों के परिवार और उनके अपने न्याय से वंचित हैं.''
गौरतलब है कि यह प्रस्ताव आप विधायक जरनैल सिंह ने पेश किया था. राजनीति के जानकारों का कहना है कि केजरीवाल सरकार ने ये प्रस्ताव सिख समुदाय के वोट बैंक घसीटने के लिए लाया गया है.

First published: 22 December 2018, 8:42 IST
 
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