Home » इंडिया » AAP MLA's kids expel from school
 

आप एमएलए अमानतुल्लाह खान के दो बच्चों का नाम स्कूल से कटा

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 24 December 2015, 12:59 IST
QUICK PILL
  • हमदर्द पब्लिक स्कूल ने मंगलवार को विधायक अमानतुल्लाह खान को एमएसएस भेजकर बेटे अनस अहमद खान का नाम कटने की जानकारी दी. स्कूल ने लिखा है, ‘प्रिय अभिभावक, फीस जमा नहीं होने से आपके बेटे अनस अहमद खान का नाम हाजिरी रजिस्टर से हटा लिया गया है. कृपया 28 दिसंबर तक स्कूल ऑफिस से संपर्क करें. रीएडमिशन चार्जेज़ एप्लाई. सादर, हमदर्द पब्लिक स्कूल, दिल्ली.’

आप एमएलए अमानतुल्लाह ख़ान के दो बच्चों का नाम उनके स्कूल से काट दिया गया है. नौ महीने से स्कूल की फीस जमा नहीं होने के बाद यह कार्रवाई हमदर्द पब्लिक स्कूल ने की है. अमानतुल्लाह दिल्ली की ओखला विधानसभा सीट से विधायक हैं.

दोनों बच्चों की फीस तकरीबन नौ महीने से नहीं जमा की गई है. अमानतुल्लाह ख़ान का कहना है कि दोबारा एडमिशन के लिए उन्होंने पार्टी से आर्थिक मदद मांगी है. बुधवार को एमएलए के दोनों बच्चे स्कूल नहीं गए.

हमदर्द पब्लिक स्कूल ने मंगलवार को एमएसएस भेजकर बेटे अनस अहमद खान का नाम कटने की जानकारी दी. इसमें लिखा है, ‘प्रिय अभिभावक, फीस जमा नहीं होने से आपके बेटे अनस अहमद खान का नाम हाजिरी रजिस्टर से हटा लिया गया है. कृपया 28 दिसंबर तक स्कूल ऑफिस से संपर्क करें. रीएडमिशन चार्जेज़ एप्लाई. सादर, हमदर्द पब्लिक स्कूल, दिल्ली.’

अनस सातवीं क्लास में स्टूडेंट हैं. ऐसा ही मैसेज बुधवार को बेटी तहूरा के लिए भी आया. अमानत कहते हैं कि फिलहाल मैं फीस ही जमा नहीं कर पा रहा हूं लेकिन अब रीएडमिशन फीस भी मांगी जा रही है.अमानतुल्लाह का कहना दावा है कि विधायक बनने के बाद खर्च बढ़ा है. उनकी ही तनख्वाह से उनके पांच स्टाफ को प्रति माह 62 हजार रुपए की सैलरी दी जाती है. इसके अलावा गाड़ी में फ्यूल, फोन बिल समेत छोटे-मोटे खर्च में सारे रुपए लगभग खत्म हो जाते हैं. यही वजह है कि वह बच्चों की फीस जमा नहीं हो सकी. एमएलए के अकाउंट में प्रति माह 83 हजार पांच सौ रुपए बतौर सैलरी क्रेडिट होती है.

अमानत के मुताबिक हमदर्द स्कूल का कुल बकाया 58 हजार रुपए के आसपास है. नाम कटने की वजह से दोनों बच्चे बुधवार को स्कूल नहीं गए. हालांकि उन्हें स्कूल नहीं जाने की वजह नहीं बताई है. एमएलए ने पार्टी के दिल्ली प्रभारी दिलीप पांडेय और आशीष तलवार को इत्तेला कर दी है.

उन्होंने मदद का भरोसा दिया है. अमानत कहते हैं कि यह हर महीने कहानी है. राजनीति में आने से पहले मेरा गारमेंट का बिजनेस था जिसे अब बंद किया जा चुका है.

First published: 24 December 2015, 12:59 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी