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अब्दुल बासित: भारत के साथ बिना शर्त बातचीत को तैयार पाकिस्तान

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 November 2016, 15:44 IST
(एजेंसी)

भारत में तैनात पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने दोनों देशों के मध्य सीमा पर तनाव कम करने के लिए भारत के साथ बिना शर्त बातचीत की पेशकश की है.

जबकि इससे पहले पाकिस्तान और उच्चायुक्त बासित भारत के साथ बातचीत के दौरान कोई न कोई शर्त लगाकर वार्ता से बचने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन आज बासित के रुख में बड़ा बदलाव देखने को आया.

पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने समाचार चैनल 'आजतक' से बातचीत के दौरान बिना शर्त बात करने का इरादा जाहिर किया.

पाक उच्चायुक्त बासित ने कहा कि "उनका देश भारत के साथ किसी भी समय बिना शर्त बातचीत के लिए तैयार है. हालांकि बासित ने दावा किया उनका शुरू से ही यह रुख रहा है. उनका देश भारत के साथ बातचीत के द्वारा ही रिश्ते सुधारने की दशा में आगे बढ़ना चाहता है."

बासित के इस बयान से पूर्व भारत की ओर से कई बार वार्ता की कोशिश की गई थी, लेकिन पाकिस्तान के अडियल रुख के कारण बातचीत नहीं हो पाई. पूर्व में कई बार पाकिस्तान कश्मीर के अलगाववादी दलों को बातचीत में शामिल करने की जिद करता रहा है.

आखिरी बातचीत से पहले खुद पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कश्मीरी अलगाववादियों को वार्ता के लिए दिल्‍ली आने का न्यौता दे दिया था जिसके बाद भड़के भारत ने तुरंत वार्ता रद कर दी थी.

उसके बाद से ही बातचीत की गाड़ी ठंडी पड़ी हुई थी इसी बीच बार्डर पर जारी गोलाबारी ने हालात और बिगाड़ दिए.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पाक पीएम शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार और पूर्व एनएसए रहे सरताज अजीज ने भारत से बातचीत के बीच कश्मीर को मुद्दा बनाने का बयान दिया था. अजीज का दावा था कि उनका देश किसी भी सूरत में भारत के वर्चस्व को स्वीकार नहीं करेगा.

एक कान्फ्रेंस में शिरकत करने के लिए भारत आने से पहले अजीज ने पाकिस्तानी संसद में बयान देते हुए कहा था, "हम अपनी सीमा को सुरक्षित रखने में पूरी तरह समर्थ हैं और हम किसी सूरत में भारत का वर्चस्व स्वीकार नहीं करेंगे. हम इस शर्त पर बातचीत के लिए तैयार हैं कि उसमें कश्मीर मुद्दे को भी शामिल किया जाए.."

अजीज ने आगे कहा "पाकिस्तान कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकारों को समर्थन देना जारी रखेगा, जो पूरी तरह से स्वदेशी और कश्मीरी युवाओं के नेतृत्व में है. हम अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मंचों पर कश्मीरियों को अपना राजनैतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेंगे."

First published: 28 November 2016, 15:44 IST
 
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