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सर्वे: यूपी में अभी साइकिल सबसे आगे, कमल चुस्त-हाथी सुस्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 August 2016, 12:10 IST
(फेसबुक)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अब चंद महीनों का वक्त बचा है. एबीपी न्यूज़ के लिए लोकनीति और सीएसडीएस ने एक सर्वे किया है. जिसके मुताबिक अभी समाजवादी पार्टी सबसे आगे है, हालांकि वह भी बहुमत से काफी दूर है.

सर्वे के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी दूसरे नंबर पर है, जबकि बहुजन समाज पार्टी तीसरे नंबर पर खिसक गई है. इसके अलावा कांग्रेस अपनी प्रतिद्वंद्वी तीनों पार्टियों से काफी पीछे चल रही है.

सर्वे के मुताबिक अखिलेश यादव और मायावती में लोकप्रियता के मामले में कड़ी टक्कर है. हालांकि अखिलेश यादव से राज्य की 61 फीसदी जनता संतुष्ट है. सर्वे के मुताबिक सीटों में सपा और बीजेपी में कड़ी टक्कर है.

बीजेपी की सीटों में भारी इजाफा हो रहा है. इसके बावजूद सपा अभी भी सबसे बड़े दल के रूप में यूपी में आ रही है.

यह सवाल पूछे गए

  • मुख्यमंत्री की पहली पसंद कौन?
  • सवर्ण वोटर किसके साथ हैं?
  • दलित वोटर किसके साथ हैं?
  • ओबीसी मतदाता किसे वोट देंगे?
  • मुस्लिम मतदाता किसके साथ जाएगा?
  • यूपी के किस क्षेत्र से कौन सी पार्टी आगे है?
  • क्या यूपी फिर मोदी पर भरोसा करेगी?
  • क्या प्रियंका का फैक्टर कांग्रेस के काम आएगा?
  • यूपी में किस पार्टी की सरकार बनने के आसार हैं?

किसको कितनी सीट?

  • समाजवादी पार्टी- 141 से 151 सीट
  • भारतीय जनता पार्टी- 124 से 134 सीट
  • बहुजन समाज पार्टी- 103 से 113 सीट
  • कांग्रेस- 8 से 14 सीट
  • अन्य- 6 से 12 सीट

23 जुलाई से 7 अगस्त के बीच उत्तर प्रदेश की 403 में से 65 विधानसभा सीटों पर सर्वे किया गया. 256 पोलिंग बूथ पर यह सर्वे किया गया. जिसमें 4 हजार 452 वोटरों से राय ली गई.

सीएम की पहली पसंद अखिलेश

सर्वे के मुताबिक 24 फीसदी वोटरों की पसंद हैं अखिलेश यादव. हालांकि बीएसपी प्रमुख मायावती भी अखिलेश को कड़ी टक्कर दे रही हैं. मायावती 24 फीसदी वोटरों की पहली पसंद हैं.

हालांकि भाजपा ने अभी चेहरा तय नहीं किया है, लेकिन तीसरे नंबर पर हैं केंद्र सरकार में गृह मंत्री राजनाथ सिंह. सात फीसदी वोटर राजनाथ को सीएम देखना चाहते हैं.

चौथे नंबर पर यूपी में बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ हैं. पांच फीसदी लोगों की पंसद हैं योगी आदित्यनाथ और पांचवें नंबर पर हैं मुलायम सिंह यादव. तीन बार राज्य की कमान संभाल चुके मुलायम को चार फीसदी वोटर फिर से सीएम देखना चाहते हैं.

छठे नंबर पर वरुण गांधी हैं, जिन्हें राज्य के तीन फीसदी वोटर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं.

अन्य ओबीसी भाजपा के साथ

केशव प्रसाद मौर्य को उत्तर प्रदेश की कमान देकर बीजेपी ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं. बीजेपी की नजर उत्तर प्रदेश के उस 33 फीसदी अन्य ओबीसी वर्ग पर है, जिसमें यादव के अलावा बाकी पिछड़ी जातियों के लोग आते हैं. 

एबीपी न्यूज के लिए लोकनीति और सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक 38 फीसदी अन्य ओबीसी बीजेपी के साथ है. जबकि 19 फीसदी समाजवादी पार्टी के साथ हैं. बहुजन समाज पार्टी को 23 प्रतिशत अन्य ओबीसी वोटरों का समर्थन मिलने का अनुमान है.. वहीं कांग्रेस और अन्य को 5 और 15 फीसदी.

अन्य दलित में बसपा मजबूत

लोकनीति और सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक जाटव के साथ ही अन्य दलित भी मजबूती के साथ बीएसपी के साथ खड़े हैं. बीएसपी के साथ 56 फीसदी अन्य दलित खड़े हैं.

इसके अलावा बीजेपी के साथ 16 फीसदी, एसपी के साथ 14 फीसदी, कांग्रेस के साथ 3 फीसदी और अन्य के हिस्से 11 फीसदी अन्य दलित मतदाता हैं.

अगर बात दलित समाज में जाटवों की करें तो यह तबका पूरी तरह मायावती के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है. सर्वे के मुताबिक 75 फीसदी जाटव बसपा के साथ है. यूपी की 21 से 22 फीसदी दलित आबादी में करीब 14 प्रतिशत जाटव हैं. सिर्फ 8 प्रतिशत जाटव भाजपा के साथ खड़े दिख रहे हैं.

साइकिल के साथ एम-वाई

उत्तर प्रदेश में करीब 18 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं. सर्वे के मुताबिक 62 फीसदी मुस्लिम वोटर सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के साथ जा सकते हैं. वहीं बीएसपी के साथ 18 फीसदी मुस्लिम वोटर दिख रहे हैं.

कांग्रेस के हिस्से में महज 8 फीसदी मुस्लिम वोटर दिख रहे हैं. हाल के दिनों में मायावती ने मुस्लिम नेताओं पर भरोसा जताया है.

बसपा ने 128 मुस्लिमों को टिकट भी दिया है. लेकिन इस सर्वे के मुताबिक अब भी मुस्लिम वोटरों का भरोसा समाजवादी पार्टी पर दिख रहा है. समाजवादी पार्टी मुस्लिम-यादव गठजोड़ के सहारे सियासत करती रही है.

यूपी की कुल आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 40 फीसदी पिछड़ा वर्ग है. पिछड़ा वर्ग में भी यादव वोटर समाजवादी पार्टी के कट्टर समर्थक माने जाते हैं.

यूपी में करीब 10 प्रतिशत यादव वोटर हैं. लोकनीति और सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक 68 फीसदी यादव वोटर सपा के साथ हैं. सर्वे के नतीजों के मुताबिक यूपी में 16 प्रतिशत यादव बीजेपी के साथ हैं. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी को 5 प्रतिशत और कांग्रेस को 4 प्रतिशत यादव वोटरों का साथ मिल सकता है.

सवर्ण बीजेपी के साथ

यूपी में सवर्ण मतदाताओं की तादाद करीब 18 फीसदी है. सर्वे के मुताबिक यूपी में अभी चुनाव हुए, तो भारतीय जनता पार्टी को 55 प्रतिशत सवर्णों के वोट मिलेंगे.

दूसरे नंबर पर सत्ताधारी समाजवादी पार्टी है, जिसे 15 फीसदी सवर्ण वोट मिलने का अनुमान है. तीसरे नंबर पर है बहुजन समाज पार्टी जिसे 9 फीसदी सवर्ण वोट मिल सकते हैं. 

सवर्णों का भरोसा जीतने में कांग्रेस सबसे पीछे है. शीला दीक्षित के रूप में सवर्ण ब्राह्मण चेहरा आगे करने के बावजूद उसे सिर्फ 5 प्रतिशत सवर्ण वोट मिलने का अनुमान जताया गया है. जबकि अन्य को 17 प्रतिशत वोट सवर्ण वोट मिलने का अनुमान है.

First published: 23 August 2016, 12:10 IST
 
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