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पुण्य प्रसून बाजपेयी के समर्थन में आयी पत्रकारों की ये संस्था, सरकार से मांगा जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 August 2018, 18:18 IST

पत्रकारों के संगठन 'फाउंडेशन फॉर मीडिया फ्रोफेशनल्स' ने मंगलवार को सरकार से मीडिया में सूचना और प्रसारण मंत्रालय की दखलंदाजी के आरोपों पर जवाब मांगा है. इससे पहले एबीपी न्यूज़ से इस्तीफ़ा देने वाले पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने अपने लेख में कई खुलासे किये थे. एबीपी न्यूज़ चैनल के प्राइम टाइम एंकर रहे बाजपेयी ने 2 अगस्त को इस्तीफा दे दिया था.

उन्होंने दावा किया था कि चैनल ने उन्हें अपने शो मास्टरस्ट्रोक के दौरान सरकारी नीतियों की आलोचना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेने से बचने के लिए कहा था. बाजपेई ने यह भी कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में 200 सदस्यीय टीम समाचार चैनलों की सामग्री पर नज़र रखती है.
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फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल ने कहा कि जिस तरह बाजपेयी और चैनल के दो अन्य पत्रकारों पर सरकार की नीतियों पर उनकी महत्वपूर्ण रिपोर्ट दिखाने के बाद एक्शन लिया गया उसका असर पेशे में दूसरों लोगों पर पड़ सकता है. समूह ने कहा कि पुण्य प्रसून बाजपेयी, मिलिंद खांडेकर और अभिसार शर्मा को हटाने के लिए एबीपी न्यूज़ के प्रबंधन पर दबाव डाला गया था.

एबीपी न्यूज़ के प्रबंध संपादक से इस्तीफ़ा देने वाले मिलिंद खांडेकर ने वाजपेयी से एक दिन पहले न्यूज़ चैनल से इस्तीफा दिया था, जबकि अभिसार शर्मा को छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया था. उनके प्रस्थान ने प्रेस स्वतंत्रता, मीडिया मालिकों की जवाबदेही और आलोचना के लिए सरकार के दृष्टिकोण के बारे में कई सवाल खड़े किये हैं.

8 जुलाई को बाजपेयी के प्राइम-टाइम शो मास्टरस्ट्रोक छत्तीसगढ़ की उस महिला की स्टोरी दिखाई गई थी जिसमे उसने पीएम मोदी के सामने 'मन की बात' कार्यकर्म में अपनी किसानी से आय दोगुनी होने की बात कही थी लेकिन बाजपेयी ने अपने शो इसकी पड़ताल कर दावा किया था कि महिला की आय दोगुनी होने की बात सही नहीं है.

इस रिपोर्ट की कई बीजेपी नेताओं ने आलोचना की और इसे गलत बताया. फाउंडेशन ने कहा कि तीन पत्रकारों की एकमात्र गलती उन सूचनाओं का प्रसार करना था जो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के दावों की गंभीर जांच करते थे.

मास्टरस्ट्रोक में बाजपेयी की रिपोर्ट की प्रशंसा करते हुए फॉउंडेशन ने कहा कि कार्यक्रम "वॉचडॉग पत्रकारिता का एक बहुत ही महत्वपूर्ण उदाहरण था. साथ ही कहा गया है कि प्राइम टाइम के दौरान उनके प्रसारण में व्यवधान पैदा दिया गया. फाउंडेशन फॉर मीडिया फ्रोफेशनल्स के अध्यक्ष परंजॉय गुहा ठाकुरता और निदेशक मनोज मिट्टा हैं.

First published: 7 August 2018, 18:12 IST
 
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