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मध्य प्रदेश ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट: गेस्ट लिस्ट में दुनिया के ताक़तवर उद्योगपति, प्रधानमंत्री का आना अभी तय नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
QUICK PILL
  • मुकेश, अनिल अम्बानी, गौतम आडाणी समेत 70 नामी-गिरामी उद्योगपतियों ने समिट में आने की मंज़ूरी दे दी है,बस प्रधानमंत्री का प्रोग्राम तय होना बाक़ी है. हर दो साल पर होने वाले इस ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट को कामयाब बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अलग-अलग राज्यों में रोड शो कर रहे हैं. 

मप्र सरकार द्वारा हर दो साल पर आयोजित किए जाने वाले प्रतिष्ठित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में अब सिर्फ 28 दिन बाकी हैं. समिट में जाने-माने उद्योगपति आएंगे, बिजनेस लीडर्स, कारोबारी अपने अनुभव बांटेंगे और निवेशक विकास के लिए उद्योगों और रोजगार की बारिश करेंगे. आयोजन को भव्य, रोचक और उपयोगी बनाने के लिए अन्य आवश्यक कदम उठाए गए हैं. समिट 22 अक्टूबर की सुबह शुरू होगा और 23 अक्टूबर की दोपहर समाप्त हो जाएगी.

समिट में जापान, चीन कंट्री पार्टनर्स के रूप में भाग लेंगे. इस समिट के पहले 21 अक्टूबर को एक कॉनक्लेव का आयोजन किया गया है जिसमें राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों के सीईओ शिरकत करेंगे. मुख्य मंत्री शिवराज चौहान सभी सीईओ से मुलाकात करेंगे. आम्बेर कन्वेंशन सेन्टर में सभी 80 कम्पनियों के सीईओ बैठक करेंगे. उद्योग विभाग ने आने वाले सभी बड़े निवेशकों के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. आयोजन विजयनगर में योजना-78 के ब्रिलियेन्ट कन्वेंशन सेन्टर पर किया जाएगा. मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान विश्व के विभिन्न हिस्सों में जाकर रोड शो के जरिए निवेशकों से मुलाकात कर कर रहे हैं. अब तक वह अमरीका, चीन, जापान समेत

अनेक देशों में जाकर निवेशकों को आमंत्रित कर चुके हैं. इस समिट में केवल आमंत्रित उद्योगपति ही भाग ले सकेंगे. निवेश की घोषणा यूनिट की शुरुआत का संकेत होगी. लिहाज़ा, इस समय तैयारियां इस तरह की जा रही हैं ताकि उद्घाटन के साथ ही उन्हें स्वत्वाधिकार मिल सके. भारत में किसी भी इकाई की स्थापना के लिए परम्परागत रूप से भूमि पूजन का विधान है. शिवराज सिंह चौहान इस कार्य पर नजर रखे हुए हैं ताकि इसे क्रियान्वित किया जा सके. इंदौर से जुड़े सूत्रों के अनुसार समिट स्थल पर पीथमपुर में आउटलाइन तय की जा रही है ताकि सरकार की तरफ से कोई देरी न हो. और जो लोग इकाई स्थापित करने के इच्छुक हैं, उन्हें किसी अड़चन का सामना न करना पड़े.

पीएम का प्रोग्राम तय होना बाक़ी

मुकेश और अनिल अम्बानी, गौतम आडाणी समेत 70 नामी-गिरामी उद्योगपतियों ने समिट में आने की स्वीकृति दे दी है. विदेशी कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने भी आमंत्रण स्वीकार कर लिया है. वैसे तो 4,500 उद्योगपति पंजीकृत हैं लेकिन उनमें से 100 विदेशी कम्पनियों के प्रतिनिधियों समेत केवल 1,500 को ही आमंत्रित किया गया है. आदि गोदरेज, शशि रुइया, बाबा रामदेव, साइरस मिस्त्री, अभय फिरोदिया और कुमार मंगलम बिरला ने भी समिट में आने की अनुमति दे दी है. अन्य विख्यात उद्योपतियों के आने की भी स्वीकृति मिल गई है. यह भी सम्भावना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कार्यक्रम की शुरुआत या अन्त में आ सकते हैं.

अभी दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने निवेशकों को प्रेरित करने के लिए बेंगलूरु और हैदराबाद में रोड शो किया है. इस रोड शो में उनके साथ रहे एकेवीएन के प्रबंध निदेशक  कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि इस रोड शो के बाद अन्य कम्पनियों ने भी समिट में भाग लेने की इच्छा जताई है.

समिट में रिलायन्स इंडस्ट्रीज, गोदरेज, इनफोसिस, टीसीएस, टाटा, एस्सल, अजन्ता फार्मा, वीडियोकोन, वन्डर सीमेन्ट, फ्यूचर ग्रुप, जेपी ग्रुप आदि भाग लेंगे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देश और दुनिया के उद्योगपतियों को ये संदेश देना चाहते हैं कि मध्य प्रदेश में निवेश की बेहतर संभावनाएं हैं. मुख्यमंत्री ने इस समिट की सभी तैयारियां सूक्ष्मता तथा सम्पूर्णता के साथ करने तथा निवेशक बड़े हों अथवा छोटे, प्रदेश में सभी का समभाव से सम्मान किए जाने के निर्देश दिए हैं.

First published: 28 September 2016, 7:14 IST
 
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