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जस्टिस काटजू ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों को असंवैधानिक बताया

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 August 2016, 13:11 IST
(पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने क्रिकेट और बीसीसीआई में सुधार के लिए लोढ़ा समिति की सिफारिशों को असंवैधानिक बताया है. जस्टिस मार्कंडेय काटजू के इस बयान की पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी नेता कीर्ति आजाद ने कड़ी निंदा की है. 

आजाद ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "बीसीसीआई ने पूर्व जस्टिस काटजू को बहलाया है या फिर वे बूढ़े हो चले हैं."

जस्टिस काटजू वर्तमान में बीसीसीआई के सलाहकार हैं. जस्टिस काटजू ने रविवार को लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को ‘असंवैधानिक’ बताया था. इस मुद्दे पर एएनआई से बात करते हुए आजाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर कोई सवाल नहीं उठाए जा सकते.

उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि जस्टिस काटजू अपने आपको इसमें क्यों शामिल कर रहे हैं. यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है और इसे सबको मानना होगा.

जस्टिस काटजू को बीसीसीआई ने बहलाया है या फिर उन्होंने उन सिफारिशों को ठीक से पढ़ा नहीं है. बीसीसीआई उन्हें जबरन आगे कर रही है या फिर वे बूढ़े हो चले हैं."

इसके साथ ही आजाद ने कहा, "लोढ़ा कमेटी ने जो सिफारिशें की हैं, वे क्रिकेट को भ्रष्टाचार से दूर रखेंगी. लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों से अच्छा फैसला हमें नहीं मिल सकता था.

अब बीसीसीआई वाले सोच रहे हैं कि उनके दिन चले गए हैं. मैं समझ सकता हूं कि उन्हें अपनी दुकानें बंद करनी होंगी और वे अब कोई घपला नहीं कर पाएंगे. मुझे लगता है कि देश के खिलाड़ियों, खेल और खेलप्रेमियों के लिए यह अच्छा फैसला है."

गौरतलब है कि बीते 2 अगस्त को बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को चार सदस्यीय कानूनी पैनल का प्रमुख नियुक्त किया, जो बोर्ड को लोढ़ा समिति के सुधारों से होने वाले प्रभावों को समझने में मदद करेंगे, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अनिवार्य कर दिया है. इस पैनल में काटजू के अलावा एक अन्य कानूनविद अभिनव मुखर्जी भी शामिल हैं.

First published: 8 August 2016, 13:11 IST
 
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