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अमर्त्य सेन के बाद चांसलर जॉर्ज यो ने भी दिया नालंदा यूनिवर्सिटी से इस्तीफ़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST
(एजेंसी)

नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे चांसलर जॉर्ज यो ने गुरुवार को पद से इस्तीफा दे दिया. इससे पहले अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन भी पद छोड़ चुके हैं.

नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे चांसलर जॉर्ज यो ने यह कहते हुए पद से इस्तीफा दे दिया कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को प्रभावित किया जा रहा है क्योंकि उन्हें संस्थान में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर नोटिस तक नहीं दिया गया.

उन्होंने विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती बोर्ड के सदस्यों को भेजे एक बयान में कहा, "जिन परिस्थितियों में नालंदा विश्वविद्यालय में नेतृत्व परिवर्तन अचानक और तुरंत क्रियान्वित किया गया, वह विश्वविद्यालय के विकास के लिए परेशानी पैदा करने वाला और संभवत: नुकसानदायक है."

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय के विजिटर के रूप में 21 नवंबर को बोर्ड का पुनर्गठन किया था, जिससे प्रतिष्ठित संस्थान की संचालन इकाई का सरकार द्वारा पुनर्गठन किए जाने के बाद संस्थान के साथ सेन का लगभग एक दशक पुरान संबंध खत्म हो गया था.

येओ ने कहा, "यह समझ से परे है कि मुझे चांसलर के रूप में इसका नोटिस क्यों नहीं दिया गया. जब मुझे पिछले साल अमर्त्य सेन से जिम्मेदारी लेने को आमंत्रित किया गया था, तो मुझे बार-बार कहा गया था कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बरकरार रहेगी. अब ऐसा प्रतीत नहीं होता."

उन्होंने कहा, "मैंने गहरे दुख के साथ विजिटर को चांसलर के रूप में अपना त्यागपत्र भेज दिया है."

वहीं इस मामले में सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के विजिटर के रूप में अपनी क्षमता के तहत नालंदा विश्वविद्यालय कानून 2010 के प्रावधानों के अनुरूप संचालन बोर्ड के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी.

उन्होंने वाइस चांसलर का अस्थाई प्रभार विश्वविद्यालय के सबसे वरिष्ठ डीन को दिए जाने को भी मंजूरी दे दी क्योंकि वर्तमान वाइस चांसलर गोपा सबरवाल का एक साल का विस्तार गुरुवार को पूरा हो गया. नए वाइस चांसलर की नियुक्ति होने तक यह व्यवस्था होगी.

बताया जा रहा है कि नए संचालन बोर्ड में 14 सदस्य होंगे, जिसकी अध्यक्षता चांसलर करेंगे. इसमें वाइस चांसलर, भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, लाओस पीडीआर और थाईलैंड द्वारा नामांकित पांच सदस्य भी होंगे. पूर्व राजस्व सचिव एनके सिंह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. वह नालंदा मेंटर्स ग्रुप के सदस्य भी थे.

First published: 25 November 2016, 3:37 IST
 
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