Home » इंडिया » After Arunachal Pradesh, now Manipur CM faces dissidence
 

मणिपुर में भी बीजेपी ने चला अरुणाचली दांव!

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST

अरुणाचल प्रदेश के बाद अब मणिपुर में कांग्रेस विधायकों ने बागी रुख अपना लिया है. मणिपुर में कांग्रेस के 25 विधायक मुख्यमंत्री ओकरम इबोबी सिंह के खिलाफ हो गए हैं.

विवाद बढ़ता देख कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इबोबी सिंह को दिल्ली बुलाया है. साल 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इबोबी सिंह के नेतृत्व में 60 में से 42 सीटें जीत कर मणिपुर में रिकार्ड कायम किया था.

मुख्यमंत्री से नाराज विधायकों ने उन्हें साफ लहजे में चेतावनी दी है कि मंत्रिमंडल में शामिल करें या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें.

पिछले कई महीनों से मणिपुर में असंतुष्ट कांग्रेसी गुट राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग कर रहा है. अब यह माना जा रहा है कि असंतुष्टों ने संकेत दे दिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थाऊनाओजाम चाओबा ने कहा, 'हम लोगों के पास ऐसे कांग्रेसी विधायकों की लंबी सूची है जो पार्टी में शामिल होना चाहते हैं. हम इन विधायकों की सूची जल्द जारी कर सकते हैं.'

इबोबी सिंह पिछले 14 वर्षो से प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर हैं. असंतुष्ट कांग्रेसी विधायकों का कहना है कि प्रदेश में हवा बीजेपी के पक्ष में बह रही है. राज्य में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं.

वहीं सोनिया गांधी से मिलकर अपनी बात कहने के लिए अधिकांश असंतुष्ट कांग्रेसी विधायक दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं.

मणिपुर के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की बात करना आसान है, लेकिन ऐसा सचमुच करना मुश्किल.

उन्होंने कहा कि जनजातीय मंत्रियों को मंत्रिमंडल से नहीं हटाया जा सकता है. इनके बाद 11 मंत्री बचते हैं जिन्हें हटाना आसान नहीं होगा. (आईएएनएस)

First published: 11 March 2016, 5:24 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी