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अन्ना हजारे: केजरीवाल की तरफ जिस उम्मीद से देखा था वो खत्म हुई

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 September 2016, 12:35 IST
(फाइल फोटो)

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री संदीप कुमार की कथित सेक्स सीडी सामने आने के बाद पहली बार बयान दिया हैै. अन्ना ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कड़ी आलोचना की है. 

अन्ना हजारे ने सोमवार को कहा, "मैंने कहा था कि लोगों का चाल-चरित्र जरूर देख लें. किसी पर यूं ही भरोसा करना ठीक नहीं है. पार्टी में आने वाले लोगों के चरित्र को जांचने की व्यवस्था होनी चाहिए."

देशव्यापी जनलोकपाल आंदोलन के अगुवा रहे अन्ना हजारे ने इससे पहले भी केजरीवाल को कई बार नसीहत दी है. डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार अपने नेताओं को लेकर सवालों के घेरे में है.

अब तक आप सरकार से तीन मंत्रियों को हटाया जा चुका है. हाल ही में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री संदीप कुमार को एक सेक्स सीडी में दिखने के बाद मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया गया था.

दिल्ली सरकार के कई मंत्री और आम आदमी पार्टी के विधायक भ्रष्टाचार, घरेलू हिंसा, फर्जी सर्टिफिकेट, लोगों से दुर्व्यवहार जैसे कई अपराधिक गतिविधियों के आरोप में कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते रहे हैं.

'पार्टी में दागदार छवि वाले लोग'

सीडी कांड के बाद अन्ना हजारे ने पहली बार बयान देते हुए कहा, "केजरीवाल उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं. पार्टी बनाते वक्त उन्हें कहा गया था कि ईमानदारी और साफ छवि वाले लोगों को ही लें, लेकिन पार्टी में दागदार छवि वाले लोग आ गए."

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग और आजादी की तीसरी लड़ाई बताए जा रहे अन्ना के लोकपाल आंदोलन के सहारे राजनीतिक जमीन तैयार करने वाले अरविंद केजरीवाल और उनके नजदीकी सहयोगियों को लेकर पहले भी रालेगण सिद्धि से नाराजगी के स्वर उठते रहे हैं.

पार्टी बनाने के फैसले के खिलाफ थे

अन्ना के जनलोकपाल आंदोलन में अरविंद केजरीवाल, किरन बेदी, योगेंद्र यादव, कुमार विश्वास, जनरल वी के सिंह, मनीष सिसोदिया, प्रशांत भूषण के अलावा ढेर सारे लोग सक्रिय थे. आंदोलन के बाद राजनीतिक पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने को लेकर भी अन्ना ने सार्वजनिक तौर पर मतभेद जाहिर किया था.

हालांकि अन्ना की नसीहत के बावजूद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बना ली और चुनाव लड़े. इसके बाद कांग्रेस के साथ मिलकर पहले दिल्ली में सरकार बनाई.

अन्ना हजारे ने इस दौरान खुद को केजरीवाल से दूर रखा. यही नहीं केजरीवाल ने अन्ना के पास जाकर उन्हें मनाने की कोशिश भी की. अब अन्ना हजारे का ताजा बयान आम आदमी पार्टी की मुश्किलों में इजाफा ही कर रहा है.

First published: 6 September 2016, 12:35 IST
 
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