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जयललिता की लंबी बीमारी को लेकर तमिलनाडु की सियायत में हलचल, गवर्नर हुए सक्रिय

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 October 2016, 8:57 IST
(एजेंसी)

तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जे जयललिता के चेन्नई के अपोलो अस्‍पताल में लंबे समय तक रहने के बाद तमिलनाडु की सियासत में हलचल तेज हो गई है. इसी वजह से गर्वनर विद्यासागर राव ने शुक्रवार की शाम मुख्‍य सचिव समेत जयलिलता के विश्वासपात्र ओ पनीरसेल्वम सहित दो वरिष्‍ठ मंत्रियों से मुलाकात की.

खबरों के मुताबिक राज्‍यपाल राव ने जयललिता के स्‍वास्‍थ्‍य, राज्‍य के सामान्‍य प्रशासन और कर्नाटक के साथ जल विवाद के बारे में जानकारी हासिल की. इस मामले में राज्य के मुख्यसचिव के द्वारा गर्वनर को बताया गया कि इन विषयों पर सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं.

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही दिल्‍ली से एम्‍स के डॉक्‍टरों की एक टीम जयललिता के इलाज और देखभाल के लिए पहुंची. उनके साथ ही ब्रिटेन के एक विशेषज्ञ डॉक्‍टर भी मुख्‍यमंत्री के इलाज में जुटे हुए हैं.

इससे पहले राज्यपाल सी विद्यासागर राव भी कुछ दिनों पहले जयललिता को देखने अस्पताल गए थे और कथित रूप से एआईएडीएमके को हर रात 8 बजे उनकी सेहत को लेकर बुलेटिन जारी करने की सलाह दी थी.

अंतरिम मुख्यमंत्री की अटकलें

एक बयान के मुताबिक वित्त मंत्री ओ पनीरसेल्वम, पीडब्ल्यूडी मंत्री ई पलानीस्वामी और मुख्य सचिव पी राममोहन राव ने राज्यपाल विद्यासागर राव से मुलाकात की. राज्यपाल ने जयललिता की सेहत की जानकारी ली. राज्यपाल ने राज्य सरकार के कामकाज के बारे में भी जानकारी मांगी. दोनों मंत्रियों और मुख्य सचिव ने उन्हें इस बारे में ब्रीफ किया.

जयललिता के खराब स्वास्थ्य के चलते सरकार और पार्टी को संभालने के लिए विकल्पों पर चर्चा तेज हो गई है. अटकलें हैं कि जब तक जयललिता अस्पताल से बाहर नहीं आती हैं, तब तक सरकार का कामकाज देखने के लिए राज्य में डिप्टी सीएम की निुयक्ति की जा सकती है. एआईएडीएमके में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी चर्चा अंतरिम मुख्यमंत्री या फिर डिप्टी सीएम पद के लिए चल रही है. जानिए उन नामों के बारे में:

पानरुति रामचंद्रन

रामचंद्रन वरिष्ठ नेता हैं. उन्होंने 2013 में सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था. इन्हें जयललिता की आंख-कान कहा जाता है. अपोलो अस्पताल जहां जयललिता भर्ती हैं वहां अब तक सबसे ज्यादा उपस्थिति उनकी देखी जा रही है.ओ पन्नीरसेल्वम

पन्नीरसेल्वम की पहचान जयललिता के विश्वासपात्र के रूप में है. सेल्वम पहले भी जब जयललिता आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल गई थी तब दो बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. जयललिता के जेल जाने पर सेल्वम सार्वजनिक मंच पर आंसू नहीं रोक पाए थे.

एम थम्बीदुरई

लोकसभा के उप सभापति की योग्यता पर भी कोई सवाल नहीं उठा सकता. जयललिता की प्रत्येक चुनावी रैली में उनकी मौजूदगी जरूर होती है. 69 साल के थम्बीदुरई को राजनीति का लंबा अनुभव है.

First published: 8 October 2016, 8:57 IST
 
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