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भगवान राम के बाद अब बुद्ध को लेकर भिड़ा नेपाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था भारतीय

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 August 2020, 11:59 IST

Nepal clash with India: भगवान राम के बाद नेपाल अब भगवान बुद्ध के लिए भारत से भिड़ गया है. गौतम बुद्ध को लेकर नेपाल और भारत में जुबानी जंग छिड़ गई है. दरअसल भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भगवान बुद्ध को भारतीय बता दिया था. इसे लेकर नेपाल भड़क गया और बहस की शुरुआत हुई.

एस जयशंकर ने CII के शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान महात्मा गांधी और भगवान बुद्ध को भारतीय बताया था. उन्होंने कहा कि ये दोनो ऐसे भारतीय महापुरुष हैं, जिन्हें दुनिया हरदम याद करती है. इसके बाद हंगामा मच गया. भारतीय विदेश मंत्री के बयान के तुरंत बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया.

अपने बयान में नेपाल ने कहा कि भगवान बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में हुआ था. नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि लुंबिनी बुद्धिज्म की जन्मस्थली है. साल 2014 में अपने पहले प्रधानमंत्रित्व-काल के दौरान भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद इस बात को माना था कि नेपाल में भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था. ऐसे में भारतीय विदेश मंत्री का बयान ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ है.

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हालांकि इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि डॉ एस जयशंकर की बात नेपाल और भारत की साझा विरासत को दर्शाती है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह भी माना कि भगवान बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में ही हुआ था.

बता दें कि इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने भगवान श्रीराम को अपना बताया था. केपी ओली ने कहा था बीरगंज के पश्चिम में थोरी स्थान पर अयोध्या नामक एक गांव है, यही असली अयोध्या है. ओली ने कहा था कि नेपाल के ही जनकपुर की सीता का विवाह जिस भगवान राम से हुआ था, वो नेपाल के इसी अयोध्या गांव के थे.

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First published: 10 August 2020, 11:59 IST
 
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