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NRC और CAA के बाद अब NPR की ओर कदम बढ़ा सकती है मोदी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 December 2019, 17:16 IST

CAA प्रोटेस्ट: नागरिकता कानून(Citizenship Act) को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. दूसरी तरफ सूत्रों के हवाले से खबर है कि केंद्र की मोदी सरकार(Modi Government) NRC और CAA के बाद NPR पर फोकस करने जा रही है. NPR यानि नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर. खबर है कि मंगलवार को होने जा रही कैबिनेट मीटिंग(Cabinet Meeting) में मोदी सरकार NPR के अपडेशन और जनगणना को मंजूरी दे सकती है.

क्या है NPR?

NPR देश के सामान्य निवासियों का दस्तावेज है. नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के अनुसार NPR स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है. जो भी निवासी 6 महीने या उससे अधिक समय से एक जगह निवास कर रहा है, उसे NPR में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा.

कब हुई शुरुआत?

केंद्र सरकार ने देश के नागरिकों की पहचान का डेटाबेस जमा करने के लिए साल 2010 में इसकी शुरुआत की है. साल 2016 में इसे सरकार ने जारी किया था. इसके लिए गृह मंत्रालय ने कैबिनेट से 3,941 करोड़ रुपये की मांग की है. इसका मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों का व्यापक पहचान डेटाबेस बनाना है. इसमें नागरिकों की जनसांख्यिंकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी होगी.

NPR का भी हो रहा विरोध

CAA और NRC की तरह इसका भी विरोध हो रहा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं ने बंगाल में एनपीआर पर जारी काम रोक दिया है. केरल की लेफ्ट सरकार ने भी NPR की सभी कार्यवाही रोकने का आदेश दिया है. केरल सरकार का कहना है कि एनपीआर के जरिए सरकार एनआरसी लागू करेगी.

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First published: 21 December 2019, 17:10 IST
 
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