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विरोध प्रदर्शन के बीच कर्नाटक ने तमिलनाडु के लिए छोड़ा कावेरी का पानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 September 2016, 10:29 IST
(यू ट्यूब)

कर्नाटक में भारी विरोध प्रदर्शन के बीच तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़ा गया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तामील करते हुए कर्नाटक सरकार ने बुधवार को तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ा.

इस बीच तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने के बाद कर्नाटक में आंदोलन और तेज हो गया. राज्य के किसानों और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने मंगलवार को बेंगलुरु-मैसूर राजमार्ग बंद कर दिया.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने तीन घंटे तक चली सर्वदलीय बैठक के बाद कहा, "कर्नाटक सरकार के सामने पेश आ रही गंभीर कठिनाइयों के बावजूद राज्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पानी छोड़ेगा."

पढ़ें: कावेरी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुलगा कर्नाटक, बेंगलुरू-मैसूर हाईवे बंद

सिद्धारमैया ने यह भी कहा है कि कर्नाटक परिवर्तित याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट जाएगा. अदालत को आदेश लागू करने में आ रही कठिनाइयों के बारे में भी बताया जाएगा. इसके साथ ही कावेरी निगरानी समिति के समक्ष भी कर्नाटक जाएगा.

मांड्या में गरमाई कावेरी सियासत

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी मन के साथ यह निर्णय किया गया है कि तमिलनाडु को पानी दिया जाएगा, जबकि हमारे राज्य को खुद गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

सीएम ने किसानों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाने की भी अपील की. इधर, कावेरी राजनीति के केंद्र मांड्या जिले में बंद रखा गया. प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सड़कें जाम कर दी और धरने दिए. जिले में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.

10 दिन तक 15000 क्यूसेक पानी मिलेगा

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को निर्देश दिया है कि तमिलनाडु के किसानों की दिक्कतें दूर करने के लिए वह अगले 10 दिन तक तमिलनाडु को 15000 क्यूसेक पानी छोड़े. इस निर्देश के बाद कावेरी पर विवाद गरमा गया.

इस बीच नौ सितंबर तक कृष्णराजसागर बांध के आस-पास निषेधाज्ञा लगा दी गई और वहां लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. मांड्या में दुकानें, होटल और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहे.

करुणानिधि बोले और पानी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर द्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व सीएम एम करुणानिधि ने कहा, ''उच्चतम न्यायालय ने 10 दिन तक 15,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया है, लेकिन सांबा की फसल के लिए यह पर्याप्त नहीं होगा.''

तमिलनाडु की याचिका पर अपने अंतरिम आदेश में न्यायालय ने नदी के बहाव के ऊपरी हिस्से में स्थित राज्य (कर्नाटक) को अगले दस दिन तक प्रतिदिन 15,000 क्यूसेक पानी अपने पड़ोसी राज्य (तमिलनाडु) के लिए छोड़ने का निर्देश दिया था.

50.52 टीएमसी फुट पानी की मांग

तमिलनाडु ने अपनी याचिका में कर्नाटक को यह निर्देश देने की मांग की थी कि 40,000 एकड़ क्षेत्र में लगी सांबा की फसल के लिए वह कावेरी नदी से 50.52 टीएमसी फुट पानी छोड़े.

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को यह निर्देश भी दिया था कि वह कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम आदेश के मुताबिक कावेरी नदी से जल छोड़े जाने के लिए तीन दिन के भीतर निगरानी समिति से संपर्क करे.

करुणानिधि ने बताया कि राज्य के किसान संगठनों ने जल की मात्रा को लेकर चिंता जताई थी और मांग की थी कि राज्य सरकार अतिरिक्त पानी की मांग करते हुए शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर करे.

First published: 7 September 2016, 10:29 IST
 
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