Home » इंडिया » After two year of battle with IRCTC Kota based engineer gets Rupees of 33 refund for cancelled ticket
 

सिर्फ 33 रुपये के लिए IRCTC से इस शख्स ने दो साल तक लड़ी कानूनी लड़ाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 May 2019, 11:10 IST
IRCTC

IRCTC से टिकट कैसिंल करने पर रिफंड आ जाता है और यहीं नियम हमें भारतीय रेलवे से सुनने को मिलते हैं. लेकिन एक ऐसा शख्स भी है जिसे IRCTC से अपने कैंसिल किए हुए टिकट का रिफंड नहीं मिला और इसके लिए उसने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ डाली. इतना ही नहीं शख्स को अपनी इस लड़ाई के बाद जीत हासिल हुई और उन्हें पैसे वापिस मिल गए लेकिन यहां पर खास बात ये भी है कि क्या रेलवे को रिफंड करने में इतना वक्त लगाना चाहिए था. उस शख्स ने करीब 2 साल तक रेलवे से जद्दोजहद की और उसके बाद अपने रुपये हासिल किए. आइये जानते है पूरा मामला-

 

IRCTC

कोटा के इंजीनियर सुजीत स्वामी को दो साल की लंबी लड़ाई के बाद IRCTC ने कैंसिल टिकट के 33 रुपये अब जाकर लौटाए हैं. बता दें कि सुजीत ने अप्रैल 2017 में कोटा से दिल्ली तक अपनी टिकट बुक की थी और जिसका किराया 765 रुपे था और किसी कारणवश इसे रद्द कराना पड़ा. रेलवे ने उन्हें 665 रुपये वापिस कर दिए जबकि सुजीत को 700 रुपये रिटर्न होने चाहिए थे.

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इसके बाद सुजीत ने अप्रैल 2018 में अदालत में एक याचिका दायर की थी और जिसका निस्तारण अदालत ने जनवरी में करते हुए कहा कि ये हमारे अधिकारक्षेत्र में नहीं आता है. इसके बाद सुजीत ने बताया,"मैंने अपनी लड़ाई आरटीआई के जरिये जारी रखी. विभाग वाले मेरी आरटीआई को दिसम्बर 2018 से अप्रैल 2019 तक दस बार एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजते रहे. आखिरकार चार मई 2019 को IRCTC ने एक लंबी लड़ाई के बाद मेरे बैंक खाते में 33 रुपये डाल दिये. लंबी लड़ाई के कारण मुझे जो परेशानी झेलनी पड़ी उसकी क्षतिपूर्ति देने की बजाय IRCTC ने दो रुपये रिफंड में से काट लिये."

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अभी भी सुजीत इस मामले को यहीं खत्म नहीं करना चाहते हैं और उन्होंने कहा,"एक बार फिर से मैं इस मामले को आगे बढ़ाऊंगा क्योंकि IRCTC ने एक पत्र में कहा था कि उनके व्यवसायिक सर्कुलर 49 के अनुसार उन्हें 35 रुपया वापस किया जायेगा. मैंने अप्रैल 2017 में गोल्डन टेंपल मेल का टिकट बुक किया था. टिकट वेटिंग होने के कारण मैंने इसे कैंसिल करा दिया. टिकट कैंसिल कराने पर उनसे सर्विस टैक्स भी चार्ज किया गया, जबकि उन्होंने टिकट GST लागू होने से पहले ही कैंसिल करा दिया था. यह टिकट 2 जुलाई की यात्रा के लिए बुक कराया गया था GST 1 जुलाई से देश भर में लागू हुआ."

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सुजीत ने आगे कहा,"वेटलिस्टेड टिकट को कैंसल कराने पर 100 रुपये चार्ज किए गए, जबकि यह सिर्फ 65 रुपये ही होता है. उन्हें शेष रकम की वापसी के लिये लिये आश्वासन मिलता रहा. आरटीआई के जवाब में आईआरसीटीसी ने बताया कि जीएसटी लागू होने से पूर्व बुक कराये गये रेलवे टिकट और उनके रद्द करने के संबंध में रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी व्यवसायिक सर्कुलर 43 के अनुसार टिकट बुकिंग के समय वसूला गया सर्विस टैक्स वापस नहीं किया जायेगा. इसलिये 100 रुपये में से 65 रुपये कैंसिलेसन चार्ज और 35 रुपये सर्विस टैक्स के तौर पर काटे गए हैं." 

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सुजीत के अनुसार उन्होंने अपनी हक की लड़ाई लडी और पैसे वापिस मिल गए लेकिन कई लोग ऐसे भी है जो कि कुछ पैसों को छोड़ देते है और ऐसे में रेलवे का फायदा होता है. इसके साथ ही फिर भारतीय रेलवे की तरफ से बनाए गए नियम किस काम के अगर वो समय पर टिकट कैंसिल करने का रिफंड नहीं दे रहे हैं.  

First published: 9 May 2019, 11:10 IST
 
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