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पनामा पेपर्स लीक: वाड्रा डील के बाद पनामा लीक में फंसी डीएलएफ

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 April 2016, 16:43 IST
QUICK PILL
  • रॉबर्ट वाड्रा जमीन विवाद के बाद रियल एस्टेट के क्षेत्र में काम करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी डीएलएफ एक बार फिर से विवादों में है. इस बार मामला टैक्स चोरी का है और इसकी जद में कंपनी के प्रोमोटर केपी सिंह और उनके परिवार के सदस्य हैं.
  • पनामा की कंपनी मोजेक फोंसेका के दस्तावेजों के मुताबिक डीएलएफ के प्रोमोटर कुशल पाल सिंह (केपी सिंह) ने ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में एक कंपनी का अधिग्रहण किया. इस कंपनी में उनकी पत्नी इंदिरा केपी सिंह शेयरहोल्डर हैं.

देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ एक बार फिर से विवादों में है. रॉबर्ट वाड्रा जमीन विवाद के बाद डीएलएफ एक बार फिर से टैक्स चोरी के मामले में फंसती दिख रही है. मामला टैक्स चोरी और का है और इसकी जद में कंपनी के प्रोमोटर केपी सिंह और उनके परिवार के सदस्य हैं. डीएलएफ के साथ विवादों का रिश्ता लंबा होता जा रहा है.

कर बचाने के लिहाज से मुफीद देशों में शामिल पनामा की एक कंपनी मोजेक फोंसेका के करीब एक करोड़़ से ज्यादा दस्तावेजों के लीक होने के बाद देश­-विदेश की कई बड़ी और शक्तिशाली हस्तियों के कर चुराए जाने का मामला सामने आया है.

पनामा की कंपनी मोजेक फोंसेका के दस्तावेजों के मुताबिक डीएलएफ के प्रोमोटर कुशल पाल सिंह (केपी सिंह) ने ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में एक कंपनी का अधिग्रहण किया. इस कंपनी में उनकी पत्नी इंदिरा केपी सिंह शेयरहोल्डर हैं.

ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड जैसी जगहों पर दुनिया के अमीर और अरबपति शख्स अपना पैसा जमा करते हैं ताकि उन्हें अपने देश में इस कमाई पर टैक्स नहीं भरना पड़े. साफ शब्दों में कहें तो ऐसी जगहों पर ब्लैक मनी जमा किया जाता है.

''राजनीतिक व्यक्ति हैं सिंह''

मोजेक फोंसेका के दस्तावेजों में के पी सिंह को ''राजनीतिक रूप से संवेदनशील व्यक्ति'' के तौर पर दिखाया गया है. सिंह की विदेशी कंपनी विल्डर लिमिटेड की प्रबंधक कंपनी मोजेक फोंसेका एंड कंपनी (बीवीआई) लिमिटेड है. 

पिछले साल डीएलएफ कांग्रेस की प्रेसिडेंट सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के साथ विवादित जमीन सौदे को लेकर सुर्खियों में थी और इस बार कंपनी कर चोरी के मामले में सुर्खियों में है.

केपी सिंह और उनकी पत्नी हालांकि 2013 में विल्डर लिमिटेड के शेयरहोल्डर बने. मोजेक फोंसेका की रिपोर्ट बताती है कि केपी सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ने 2012 में दो और कंपनियां बनाईं.

पिछले साल डीएलएफ सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के साथ विवादित जमीन सौदे को लेकर सुर्खियों में थी

 

पहली कंपनी उनके बेेट राजीव सिंह ने जबकि दूसरी कंपनी उनकी बेटी पिया सिंह ने बनाई. डीएलएफ परिवार ने जिन तीन कंपनियों का गठन किया उसमें उसके कुल 10 सदस्य शामिल हैं. 

सिंह की कंपनी विल्डर लिमिटेड 1 जुलाई 2010 को रजिस्टर्ड हुई और इसकी पूंजी करीब 16 करोड़ रुपये है.

बेटा और बेटी भी करचोरी के दायरे में

सिंह के बेटे  राजीव सिंह और बेटी पिया सिंह ने भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर कंपनी बनाई. अल्फा इनवेस्टमेंट ग्लोबल लिमिटेड 2012 में 16 फरवरी को रजिस्टर्ड हुई जिसके शेयरहोल्डर पिया सिंह और धीरज सरना हैं. धीरज सरना पिया सिंह के पति हैं.

पिया सिंह मई 2015 तक डीएलएफ में पूर्णकालिक निदेशक थीं लेकिन इसके बाद से वह कंपनी की नॉन एग्जिक्यूटिव चेयरमैन हैं. वहीं उनके पति धीरज सरना डीएलएफ समूह की कंपनी डीएलएफ ब्रांड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं.

फरवरी 2014 तक अल्फा इनवेस्टमेंट की संपत्ति करीब 25 करोड़ रुपये थी. 

सिंह के बेटे राजीव सिंह अपनी पत्नी कविता और दो बेटियों अनुष्का और सावित्री देवी के साथ बेकॉन इनवेस्टमेंट ग्रुप लिमिटेड के शेयरहोल्डर हैं

वहीं सिंह के बेटे राजीव सिंह अपनी पत्नी कविता और दो बेटियों अनुष्का और सावित्री देवी के साथ बेकॉन इनवेस्टमेंट ग्रुप लिमिटेड के शेयरहोल्डर हैं. राजीव सिंह डीएलएफ के वाइस चेयरमैन भी हैं.

हालांकि इसे महज संयोग ही कहा जा सकता है सावित्री देवी की शादी पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद के बेटे से हुई है.

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फरवरी 2014 के अंत तक बेकॉन इनवेस्टमेंट की पूंजी 25 करोड़ रुपये थी.

सालाना रिपोर्ट में भी जिक्र

2013-14 की डीएलएफ की सालाना रिपोर्ट में ब्रिटीश वर्जिन आईलैंड की तीनों कंपनियों विल्डर लिमिटेड, अल्फा इनवेस्टमेंट और बेकॉन इनवेस्टमेंट का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है, ''इन तीनों कंपनियों का मालिकाना हक डीएलएफ समूह के प्रमुख प्रबंधकीय लोगों और उनके संबंधियों के पास है.'' 

यहां यह जानना जरूरी है कि 2007 में पूंजी बाजार नियामक सेबी ने डीएलएफ और उसके शीर्ष अधिकारियों को पूंजी बाजार से पैसा जुटाने पर तीन सालों के लिए पाबंदी लगा दी थी क्योंकि कंपनी ने अपने आईपीओ से पहले लंबित काूनी मामलों की जानकारी नहीं दी थी.

पनामा लीक के बाद बंबई स्टॉक एक्सचेंज में डीएलएफ का शेयर दबाव में दिखा. बीएसई में कंपनी का शेयर 1.82 पर्सेंट की गिरावट के साथ 118.65 रुपये पर बंद हुआ. 

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First published: 4 April 2016, 16:43 IST
 
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