Home » इंडिया » After West Bengal and Maharashtra, Assam gets its first transgender judge
 

पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के बाद असम को भी मिली पहली ट्रांसजेंडर जज

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2018, 17:25 IST

पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के बाद असम में शनिवार को अपना पहला ट्रांसजेंडर न्यायाधीश सुनवाई करेगा. शनिवार को गुवाहाटी में लोक अदालत में मामलों में मध्यस्थता करने के लिए स्वाति बिधान बरुआ 20 सदस्यीय न्यायाधीशों में से एक होंगी.

इससे पहले पश्चिम बंगाल ने जुलाई 2017 में देश के पहले ट्रांसजेंडर न्यायाधीश के रूप में जॉयता मंडल को नियुक्त किया गया था. इसके बाद फरवरी में महाराष्ट्र ने नाग कामबल को नागपुर में लोक अदालत में सदस्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया था.

 

कामरूप (मेट्रो) जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने वित्त कंपनियों से संबंधित मुकदमेबाजी के मामले में मध्यस्थ करने के लिए 26 वर्षीय बरुआ को नियुक्त किया है. एक सेवानिवृत्त जिला और सत्र न्यायाधीश एच अली हजारिका इस खंडपीठ की अध्यक्षता करेंगे.

बरुआ ने 2012 में बॉम्बे हाईकोर्ट को सेक्स रीसाइजमेंट सर्जरी से गुजरने की इजाजत मांगी थी, जिसका उनके परिवार ने विरोध किया था. जिसके बाद बरुआ ने मामला जीता और प्रक्रिया पूरी की. पिछले साल बरुआ ने गुवाहाटी हाई कोर्ट को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों और कल्याण की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की थी.

अख़बार टेलीग्राफ के अनुसार बरुआ ने बताया कि "मुझे आशा है कि यह नियुक्ति लोगों को एहसास कराएगी कि ट्रांसजेंडर अस्पृश्य नहीं हैं और समुदाय के कल्याण के लिए नीति की कमी के कारण हम कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं." उन्होंने कहा "ट्रांसजेंडर अभी भी सार्वजनिक स्थानों पर परेशानी का सामना करते हैं. इसे रोकने की जरूरत है और समाज को हमें महसूस करवाना चाहिए कि हम भी इसका हिस्सा हैं.''

ये भी पढ़ें : Jio इंस्टिट्यूट: पनगढ़िया बोले- कोई भी PM ऐसी घोषणा करने से पहले दो–तीन बार सोचता है

First published: 13 July 2018, 17:19 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी